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'चरमपंथी को मारना बड़ी क़ामयाबी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अल क़ायदा चरमपंथी अमजद फ़ारूक़ी के मारे जाने को एक बड़ी क़ामयाबी बताया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि फ़ारूक़ी की मौत से उन्हें बहुत राहत मिली है. उन्होंने कहा,"हमने चरमपंथी हमलों के एक बहुत बड़े ज़रिए को ख़त्म कर डाला है. वह ना केवल मुझ पर हुए हमले बल्कि और भी कई हमलों में शामिल था". पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार कराची के पूर्वोत्तर में नवाबशाह नामक इलाक़े में लगभग दो घंटे की मुठभेड़ के बाद अमजद फ़ारुक़ी को मारा जा सका. फ़ारूक़ी का संबंध राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर हुए जानलेवा हमलों और अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या से बताया जा रहा है. मुशर्रफ़ पर पिछले साल दिसंबर में हमला हुआ था और पर्ल की हत्या वर्ष 2002 में की गई थी. बड़ी सफलता पाकिस्तानी सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने बताया कि मारे गए चरमपंथी अमजद फ़ारुक़ी की बड़े ज़ोर शोर से तलाश की जा रही थी. अधिकारियों ने कुछ समय पहले ही फ़ारुक़ी की खोज खबर बताने वाले को दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी. पाकिस्तानी सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने बताया कि कई अन्य लोगों को गिरफ़्तार भी किया गया है. उन्होंने बिना उनकी पहचान बताए कहा,"हमने दो-तीन लोगों को पकड़ा है और हमारा मानना है कि इन गिरफ़्तारियों से काफ़ी जानकारियाँ मिलेंगी". अमजद फ़ारूक़ी को लीबियाई अल क़ायदा नेता अबू फ़राज अल लिब्बी का नज़दीकी माना जाता है जिन्हें उस क्षेत्र में अल क़ायदा की कार्रवाईयों को रंग-रूप देनेवाला संगठन का सबसे बड़ा नेता माना जाता है. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की हत्या की कोशिश में फ़ारुक़ी के साथ ही लिब्बी की भी खोज हो रही है. |
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