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चुनाव आयोग को मिली बड़ी ज़िम्मेदारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में चुनाव आयोजित कराना अपने आप में एक बड़ी ज़िम्मेदारी है लेकिन अब चुनाव आयोग को एक और बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है. संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय चुनाव आयोग के साथ एक क़रार किया है जिसके तहत कुछ नए लोकतांत्रिक देशों में चुनाव कराने का इंतज़ाम भारतीय चुनाव आयोग करेगा. भारत के उप चुनाव आयुक्त नूर मोहम्मद ने बीबीसी को बताया कि इस समझौते के तहत चुनाव आयोग कुछ देशों में चुनाव कराने के लिए अपने कर्मचारियों के साथ-साथ इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता भी मुहैया कराएगा. नूर मोहम्मद का कहना था कि इस समझौते से यह बात पक्की होती है कि चुनाव आयोग जिस तरह से देश में चुनाव कराता है उसे संयुक्त राष्ट्र ने अपनी मान्यता दी है. मोहम्मद कहते हैं कि भारतीय चुनाव आयोग देश में विभिन्न तरह के माहौल, मौसम और परिस्थितियों में चुनाव कराता है जिनमें अशांत क्षेत्र और रेगिस्तान से लेकर पहाड़ी इलाक़े तक शामिल हैं. नूर मोहम्मद ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक मशीनों सहित अन्य विशेषज्ञता भी मुहैया करा सकता है. ग़ौरतलब है कि भारत में 2004 के संसदीय चुनावों में पहली बार पूरे देश में इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों के ज़रिए वोट डाले गए. नूर मोहम्मद का कहना है कि इस समझौते से भारतीय चुनाव आयोग को कुछ देशों में लोकतंत्र की सेवा करने और उसकी मज़बूती में योगदान का मौक़ा मिलेगा. |
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