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हाथियों के लिए भारत की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने बांग्लादेश से आग्रह किया है कि उनकी सीमा में ग़लती से घुस आए हाथियों की हत्या ना की जाए. इन हाथियों ने अब तक बांग्लादेश में 13 लोगों को मार दिया है और कई घायल भी हो गए हैं. इन घटनाओं के बाद लोग माँग कर रहे है कि अगर इन हाथियों की वापसी नहीं हुई तो उन्हें मार दिया जाना चाहिए. भारत और बांग्लादेश के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं मगर पिछले कुछ हफ़्तों से हाथियों को लेकर नया टकराव पैदा हुआ है. पूर्वोत्तर भारतीय राज्य मेघालय के वन मंत्री मुकुल संगमा ने इस सिलसिले में बांग्लादेश से अपील की है. उन्होंने कहा कि इन हाथियों को वापस बुलाने के लिए दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त प्रयास होना चाहिए जिसके बाद इन्हें जंगलों में भेज दिया जाएगा. संगमा का कहना था कि हाथी अलग-अलग जगहों पर रहना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश को उनकी रक्षा करनी चाहिए क्योंकि उसने जंगली जानवरों को बचाने के लिए बने घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. बांग्लादेश के प्रमुख वन संरक्षक मुंशी अनवरुल इस्लाम ने कहा कि फिलहाल इन हाथियों को मारने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि हाथी भारत वापस जाने के लिए अपना रास्ता नहीं ढ़ूढ पा रहे है और इसलिए हिंसक हो रहे हैं. ये हाथी थाईलैंड से भूटान की ओर जाते हैं और भारत का पूर्वोत्तर हिस्सा उनके रास्ते में पड़ता है. मगर अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में हाथियों की संख्या बहुत बढ़ी है और इसी वजह से हाथी अलग-अलग जंगलों में घुस आते हैं. |
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