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सोमवार, 09 अगस्त, 2004 को 11:41 GMT तक के समाचार
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बेटी की हत्या की अनुमति माँगी

शालिनी
शालिनी सारे हंगामे से बेख़बर है
राजस्थान के जैसलमेर शहर में एक व्यक्ति ने सरकार के सामने एक अजीब माँग रखकर सनसनी फैला दी है.

नसबंदी ऑपरेशन के बावजूद तीसरी बेटी पैदा होने पर उस व्यक्ति ने उसकी हत्या की अनुमित मांगी है.

ज़िला प्रशासन ने उसे आगाह किया है कि वो ऐसा कोई क़दम ना उठाए.

जैसलमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याण सिंह का कहना था, "हमने इस व्यक्ति को पाबंद किया है कि वह क़ानून का उल्लंघन न करे और अपनी बेटी को कोई हानि न पहुँचाए."

सनसनी फैला देने वाले यह व्यक्ति है सीमावर्ती जैसलमेर शहर के एक होटल कर्मचारी छगन सिंह राठौड़ और उनकी 'अनचाही' बेटी है शालिनी जो अब साढ़े तीन साल की हो गई है.

राठौड़ की पत्नी अनुसूइया ने दो पुत्रियों के बाद 15 जनवरी 1999 को नसबंदी ऑपरेशन करवा लिया था.

लेकिन वो तीसरी बार गर्भवती हुईं और 31 दिसम्बर 2000 को उन्होंने तीसरी बेटी शालिनी को जन्म दिया.

शालिनी के पिता ने इस पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की और डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए मुआवजे का भी आग्रह किया.

सनसनी

और पिछले दिनों राठौड़ ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नाम एक ईमेल भेजकर बेटी शालिनी की हत्या का आग्रह कर डाला.

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प्रशासन ने छगन सिंह को आगाह किया है

इससे सनसनी फैल गई.

जैसलमेर के जिला प्रशासन ने राठौड़ को चेताया है कि वो शालिनी को हानि नहीं पहुँचाए.

ईमेल के बारे में राठौड़ का कहना है कि शालिनी को मारने का उसका कोई इरादा नहीं है.

उनका कहना है कि वे इस पूरे मालमे में जल्दी कार्रवाई चाहते हैं और इसीलिए ईमेल कर ऐसी बात कही थी.

लेकिन छगन सिंह पहले जन्मी अपनी दो बेटियों- तनूजा (दस वर्ष) और रोमा (छह वर्ष) को अंग्रेज़ी स्कूल में तालीम दिलवा रहे है जबकि शालिनी को हिन्दी माध्यम के एक स्कूल में दाख़िला दिलवाया है.

छगन सिंह का कहना है कि सरकार को शालिनी की अच्छी तालीम के लिए खर्चा देना चाहिए.

महत्वपूर्ण है कि शालिनी की माँ अनुसूइया को यह अच्छा नहीं लगता.

वो कहती हैं कि एक माँ के रूप में वो चाहती हैं कि तीनों पुत्रियों की एक जैसी तालीम मिले.

शालिनी डाक्टर बनना चाहती है. पूछे जाने पर छगन सिंह इस बात को ग़लत बताते हैं कि तीसरी संतान बेटा होती तो वे खुश होते.

छगन सिंह कहते हैं कि बेटे की चाहत होती तो वो दो पुत्रियों के बाद ऑपरेशन नहीं करवाते.

वो कहते हैं कि नसबंदी ऑपरेशन विफल होने की जांच होनी चाहिए.

छगन सिंह के अनुसार उन्हें अनुसूइया का गर्भपात कराने की भी सलाह दी गई थी. लेकिन अनुसूईया खून की कमी का शिकार है और वे ऐसी जोखिम नहीं उठा सकते थे.

बहरहाल, शालिनी इन सबसे बेखबर है और अपने नन्हे संसार में ख़ुश हैं.

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