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अभियान अब महत्त्वपूर्ण दौर में: हयात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के गृह मंत्री फ़ैसल सालेह हयात ने बताया है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अभियान के तहत दो और वरिष्ठ अल क़ायदा सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है. दोनों का नाम बताने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि इन लोगों की गिरफ़्तारी हाल ही में पकड़े गए अहमद ख़ालफ़ान गैलानी से जुड़ी है. जहाँ गैलानी को पाकिस्तान के गुजरात शहर में सैनिक कार्रवाई के बाद पकड़ा गया है वहीं अफ़्रीकी मूल के ही इन दो अल क़ायदा सदस्यों को पाकिस्तान के पंजाब सूबे से पकड़ा गया है. फ़ैसल सालेह हयात ने कहा कि अभी इन दोनों के बारे में और जानकारी इकट्ठा की जा रही है लेकिन ये साफ़ है कि दोनों ही अल क़ायदा के महत्वपूर्ण सदस्य हैं. गैलानी का नाम अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई के 22 सबसे ख़तरनाक चरमपंथियों की सूची में शामिल था. पाकिस्तान के गृह मंत्री ने कहा कि चीन के साथ हो रहा तीन दिवसीय सैनिक अभ्यास भी अल क़ायदा के ख़िलाफ़ अभियान से जुड़ा है. चीन पाकिस्तान से लगे चीन के मुस्लिम बहुल प्रांत शिनजियान में दोनों देशों की सेनाएँ चार से छह अगस्त तक संयुक्त अभ्यास कर रही हैं.
फ़ैसल सालेह हयात ने बातचीत में कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में गिरफ़्तार किए गए अल क़ायदा सदस्य अहमद ख़ालफ़ान गैलानी की जानकारी अमरीका को दी थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जानकारी सहित दूसरी जानकारियों को मिलाकर अमरीका में आतंकवादी हमलों के लिए सतर्कता बरतने का ताज़ा अभियान अमरीका ने ख़ुद ही चलाया था. भारत अमरीका और चीन के साथ मिलकर तो पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई को एक नए स्तर पर ले जा रहा है, लेकिन भारत के साथ इस क्षेत्र में सहयोग किस तरह आगे बढ़ रहा है? यह पूछे जाने पर पाकिस्तान के गृह मंत्री कहते हैं कि ये भारत पर निर्भर करता है. उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच आधिकारिक स्तर की बातचीत अच्छी चल रही है. अगर इसी सौहार्द्रपूर्ण माहौल में बातचीत आगे बढ़ती रही तो कई मामलों में सहयोग बढ़ सकता है जिससे दोनों देशों का फ़ायदा होगा. |
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