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छत्तीसगढ़ के स्पीकर भी 'फ़रार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ सरकार के गृहमंत्री के बाद अब विधानसभा अध्यक्ष के ख़िलाफ़ वारंट का मामला सामने आया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे पिछले 15 सालों से फ़रार हैं. विधानसभा अध्यक्ष की फ़रारी का मामला भी विधानसभा में विपक्ष के नेता महेंद्र कर्मा सामने लेकर आए हैं. दो दिन पहले महेंद्र कर्मा ही गृहमंत्री बृजमोहन अग्रवाल के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट का मामला लेकर आए थे. मामला महेंद्र कर्मा ने जो दस्तावेज़ दिए हैं उनके अनुसार मामला 16 जून 1982 को दुर्ग ज़िले के भिलाई छावनी थाने में दर्ज किया गया था. प्रेम प्रकाश पांडे पर आरोप है कि उन्होंने महेश कुमार के सिर पर लकड़ी से वार कर उसका सर फोड़ दिया. दस्तावेज़ों के अनुसार इस मामले में 20 अगस्त 1989 को पहली बार गिरफ़्तारी का वारंट जारी हुआ था और इसके बाद 20 बार गिरफ़्तारी वारंट जारी हो चुका है. महेंद्र कर्मा का कहना है कि दुर्ग के ज़िला न्यायालय से आख़िरी बार 19 जुलाई 2004 को गिरफ़्तारी का वारंट जारी हुआ है. मामला विवेक पर कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा ने कहा है कि चूँकि यह मामला विधानसभा अध्यक्ष का मामला है इसलिए वे इस्तीफ़ा देने का मामला विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे के विवेक पर ही छोड़ रहे हैं. उनका कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष अपनी आसंदी से बार बार नियम क़ानून और नैतिकता का सीख देते हैं और उन्हें इस मामले में उसे याद रखना चाहिए. शिबू सोरेन के मामले में संसद में भारतीय जनता पार्टी के हंगामे का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मामले में दोहरा मापदंड नहीं अपनाना चाहिए. उन्होंने भाजपा की ही तर्ज़ पर धमकी दी है कि कार्रवाई न की गई तो कांग्रेस के सदस्य विधानसभा की सभी समितियों से इस्तीफ़ा दे देंगे. उल्लेखनीय है कि भाजपा ने कहा है कि शिबू सोरेन के मामले में वह संसद की सभी समितियों का बहिष्कार करेगी. जानकारी नहीं है- पांडे विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे ने अपने ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट के बारे में कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है और पुलिस अगर उन्हें इसकी जानकारी देंगे तो वे समुचित क़दम उठाएँगे. उनका कहना है कि इस दौरान पुलिस ने कभी उन्हें इस बात की सूचना नहीं दी है. नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा ने विवेक का जो सवाल उठाया है उस पर विधानसभा अध्यक्ष पांडे ने कहा, “मेरा विवेक जागृत है और मुझे किसी और को नैतिकता की सलाह देने की आवश्यकता नहीं है.” विधानसभा की समितियों से इस्तीफ़े के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस इस्तीफ़ा दे फिर उस पर विचार किया जाएगा. |
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