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स्कूल में आग के कारणों की जाँच होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिलनाडु सरकार ने पिछले हफ़्ते कुंभकोणम के स्कूल में आग लगने की घटना की जाँच के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन किया है. इस घटना में 90 बच्चों की मृत्यु हो गई थी और अन्य कई बुरी तरह जल गए थे. आयोग में एक महिला समाजसेवी, सुरक्षा उपायों के विशेषज्ञ, बाल मनोवैज्ञानिक और मुख्य इंजीनियर भी शामिल होंगे. आयोग आग लगने के कारणों की जाँच करेगा. इस बीच मुख्यमंत्री जयललिता ने उन सभी स्कूलों के रसोईघरों की छतों पर ख़ास ध्यान दिए जाने को कहा है जहाँ बच्चों के लिए दोपहर का खाना पकता है.
प्रशिक्षण के निर्देश इसके अलावा सभी स्कूलों में आग बुझाने के यंत्र और इस बारे में प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए गए हैं. कुंभकोणम शहर अब भी दुख के सैलाब में डूबा हुआ है. पुलिस श्रीकृष्ण स्कूल के अध्यापकों से गहरी पूछताछ कर रही है. प्रशिक्षित सलाहकार आग से बचे बच्चों और मृत बच्चों के माता-पिता से बात कर रहे हैं. उधर, पूर्व मुख्यमंत्री लालकृषण आडवाणी और भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष वेंकैया नायडू मंगलवार को कुंभकोणम पहुँच कर अस्पतालों में घायल बच्चों को देखने गए. नायडू ने भाजपा की ओर से पच्चीस लाख रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है. कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने भी सोमवार को मनमोहन सिंह सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की राशि दिए जाने की घोषणा की थी. |
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