|
रेल बजट में नया कुछ नहीं: विपक्ष | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में विपक्षी दलों ने रेल मंत्री लालू प्रसाद के बजट को हास्यास्पद बताया है और कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है. लेकिन विपक्षी दलों ने रेल बजट में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जा रहे बेरोज़गार युवकों को मुफ़्त यात्रा की सुविधा दिए जाने की घोषणा का स्वागत किया. विपक्षी दलों ने रेल मंत्री की विलेज ऑन ह्वील चलाने की घोषणा का भी स्वागत किया जिसमें ग़रीब और बुज़ुर्ग लोगों को देश के तीर्थस्थलों को घुमाने की योजना है. दूसरी ओर पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद के रेल बजट पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. 'विकास विरोधी' भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने रेल बजट को 'विकास विरोधी' बताया. उन्होंने कहा कि पार्सल का किराया बढ़ने से आम लोगों पर असर पड़ेगा. बीजेपी नेता ने कहा कि कुल्हड़ और खादी का इस्तेमाल शुरू करने की रेल मंत्री की घोषणा सिर्फ़ ड्रामा है. उन्होंने कहा कि नई रेलगाड़ियों को शुरू करने की घोषणा दरअसल पूर्व सरकार के कार्यकाल में ही हो गई थी. विजय कुमार मल्होत्रा ने इस पर आशंका जताई कि रेल विभाग नई परियोजनाओं के लिए कैसे संसाधन जुटाएगा. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में बीजेपी के प्रमुख सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) के नेता प्रभुनाथ सिंह ने कहा, "बजट में कुछ भी नया नहीं है. लालू प्रसाद ने वही बातें दोहराई हैं जो पिछले रेल बजट में कहा गया था." पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रवादी तृणमूल काँग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा है कि रेल बजट में पश्चिम बंगाल की अनदेखी स्पष्ट दिखती है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के 42 में से 41 सांसद काँग्रेस और वामपंथी दलों के हैं लेकिन रेल मंत्री ने राज्य को सिर्फ़ एक नई ट्रेन दी है. लेकिन शिव सेना सांसद चंद्रकांत खैरे ने इंटरव्यू देने जा रहे बेरोज़गार युवकों को मुफ़्त रेल यात्रा की सुविधा दिए जाने की घोषणा का स्वागत किया. उनकी शिकायत यह थी कि रेल बजट में महाराष्ट्र और मराठवाड़ा की अनदेखी की गई है. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||