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चौधरी शुजात हुसैन का रास्ता साफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुस्लिम लीग के नेता चौधरी शुजात हुसैन को पाकिस्तान नेशनल एसेंबली का नया नेता चुन लिया गया है. इसके बाद उनका प्रधानमंत्री बनना बिल्कुल तय सा हो गया है क्योंकि राष्ट्रपति उन्हें औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. पाकिस्तान में नेशनल एसेंबली की आज बैठक हुई जिसमें सदन के नए नेता का चुनाव किया किया गया. शनिवार को ज़फ़रूल्लाह ख़ान जमाली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. सत्ताधारी गठबंधन की ओर से चौधरी शुजात हुसैन का नेता चुना जाना तय था. हालाँकि बेनज़ीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने कुछ विपक्षी पार्टियों के समर्थन से मख़दूम अमीन फ़हीम को भी मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें सिर्फ़ 76 सदस्यों का समर्थन मिल सका. चौधरी शुजात हुसैन को कुल 190 मत मिले. 339 सदस्यों को इस चुनाव में वोट डालना था लेकिन बाक़ी सदस्यों ने मतदान में भाग नहीं लिया. लेकिन सभी विपक्षी पार्टियाँ इस मुद्दे पर एकमत नहीं थीं. पहले से ही माना जा रहा था कि छह धार्मिक पार्टियों का गठबंधन मुत्तहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमए) नेता के चुनाव के समय सदन का बहिष्कार करेगा. नेशनल एसेंबली में 342 सीटें हैं और सत्ताधारी गठबंधन को 190 सदस्यों का समर्थन हासिल है. अस्थायी पद शनिवार को जमाली ने अपने त्यागपत्र के बाद पार्टी की ओर से शुजात हुसैन को नेता चुने जाने की घोषणा की थी.
हालाँकि शुजात हुसैन ने बाद में घोषणा कर दी थी कि उनका चयन अस्थाई है और नेशनल एसेंबली के लिए चुन लिए जाने के बाद पूर्व वित्त मंत्री शौकत अज़ीज़ प्रधानमंत्री का पद संभाल लेंगे. शुजात हुसैन के अनुसार ऐसा राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की सलाह और निर्देश पर किया जा रहा है जो यह चाहते हैं कि देश की कमान ऐसे व्यक्ति के हाथ हो जो देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला सके. जानकारों का कहना है कि जमाली ने अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग की अंदरुनी राजनीति के कारण ही अपने पद से इस्तीफ़ा दिया. लेकिन नए नेता के रूप में पार्टी अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन का नाम आगे करके जमाली ने यह संकेत देने की कोशिश की कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है. |
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