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पचासवीं वर्षगाँठ पर कई कार्यक्रम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और चीन के संबंधों को प्रभावित करने वाले पंचशील के सिद्धांत की पचासवीं वर्षगाँठ दोनों ही देशों में धूमधाम से मनाई जाएगी और इस मौक़े पर एक डाकटिकट भी जारी किया जाना है. भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह पिछले दिनों चीन की यात्रा पर थे और वहाँ उन्होंने इस बारे में जानकारी दी. नटवर सिंह ने कहा कि इस मौक़े पर 28 जून के दिन नई दिल्ली में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा. उधर चीन में प्रधानमंत्री वेन जिआबाओ बेइजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ़ पीपुल में आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में 28 जून को हिस्सा लेंगे. इसके साथ ही राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान भी होगा. चीन में भारत के राजदूत भी साथ ही एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिसमें चीन के विदेश मंत्री ली झाओशिंग मुख्य अतिथि होंगे. इस मौक़े पर दोनों ही देशों ने एक दूसरे के यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना रखी है. सन् 1954 में भारत, बर्मा और चीन ने साथ मिलकर जिन पाँच सिद्धांतों को अपनाने का फ़ैसला किया था उनमें संप्रभुता और अखंडता के लिए परस्पर सम्मान, परस्पर आक्रमण नहीं करना, एक दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना, समानता और शांतिपूर्ण सह अस्तित्व प्रमुख था. |
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