| उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव निर्विरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की सदस्यता निर्विरोध हासिल करने के लिए बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती, जाने-माने उद्योगपति और रिलांयस उद्योग समूह के प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी, एक अन्य उद्योगपति ललित सूरी और अभिनेत्री जया बच्चन का रास्ता साफ़ हो गया है. उत्तर प्रदेश से राज्य सभा की 11 सीटों के लिए 28 जून को चुनाव हो रहा है जिसके लिए 11 उम्मीदवार की चुनाव मैदान में बचे हैं. कांग्रेस के दो उम्मीदवारों के पर्चे तकनीकी आधार पर रद्द कर दिए गए हैं जिसके बाद उम्मीदवारों का बिना किसी विरोध के चुने जाने का रास्ता साफ़ हो गया है. समाजवादी पार्टी ने इन चुनावों के लिए पाँच सदस्यों की सूची जारी की थी जिनमें जया बच्चन का नाम भी शामिल था. उन पर आरोप लगाया गया था कि वे उत्तर प्रदेश राज्य फ़िल्म विकास निगम की अध्यक्ष है और ऐसे किसी लाभ के पद पर आसीन रहते हुए वे चुनाव नहीं लड़ सकतीं. लेकिन मतदान अधिकारी राजेंद्र पांडे ने इन आरोपों को ठुकरा दिया क्योंकि जया बच्चन ने अपने जवाब में कहा था कि वे उस पद से इस्तीफ़ा दे चुकी हैं.
उद्योगपति अनिल अंबानी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, हालाँकि उन्हें समाजवादी पार्टी का समर्थन माना जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी ने मुरली मनोहर जोशी और अरुण शौरी को अपना उम्मीदवार बनाया है और उनका भी निर्विरोध रूप से चुने जाने का रास्ता साफ़ हो गया है. कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया था कि उनके नामांकन पत्रों को मुलायम सिंह सरकार के दबाव में रद्द किया गया है ताकि उद्योगपतियों का चुनाव बिना किसी विरोध के हो जाए. मतदान अधिकारी राजेंद्र पांडे ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध आधार पर रद्द किए गए क्योंकि उन्होंने निर्धारित क़ाग़ज़ात दाख़िल नहीं किए थे. उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 16 सदस्य हैं, और पार्टी राज्य की मुलायम सिंह यादव सरकार को बाहर से समर्थन दे रही है. अपने किसी उम्मीदवार को राज्य से संसद के ऊपरी सदन में भेजने के लिए कांग्रेस को 28 जून के चुनाव में कम से कम 17 और सदस्यों के समर्थन की दरकार होगी. |
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