|
पेट्रोल, डीज़ल की कीमत बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की क़ीमत बढ़ा दी है लेकिन किरासन तेल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. मंगलवार मध्यरात्रि से लागू होने वाली इस बढ़ोत्तरी के बाद पेट्रोल दो रुपए प्रति लीटर महँगा हो जाएगा और डीज़ल एक रुपए प्रति लीटर, रसोई गैस की क़ीमत में 20 रूपए की वृद्धि होगी. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर के अनुसार, "अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत पिछले कई महीने से बढ़ रही थी और जब नई सरकार बनी तो ये पिछले 15 साल में सबसे ज़्यादा हो गई." प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के महासचिव मुख़्तार अब्बास नक़वी ने पेट्रोलियम पदार्थों की क़ीमत बढ़ाने के फ़ैसले की तीख़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा, "सरकार ऐसे समय पर डीज़ल की क़ीमतें बढ़ा रही है जबकि देश के किसान उसका सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं. भारतीय जनता पार्टी कीमतों में वृद्धि का कड़ा विरोध करती है." सत्ताधारी काँग्रेस पार्टी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में क़ीमतें बढ़ने के बावजूद दाम नहीं बढ़ाने के पिछले सरकार के फ़ैसले के कारण यूपीए सरकार को ऐसा निर्णय लेने पर विवश होना पड़ा है. पेट्रोलियम मंत्रालय के बयान के अनुसार एलपीजी और मिट्टी के तेल की कीमत अप्रैल 2002 से और पेट्रोल और डीज़ल की कीमत इस साल जनवरी से नहीं बढ़ी है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत की अर्थव्यवस्था पर लगभग 18 हज़ार करोड़ का वार्षिक बोझ पड़ेगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||