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कश्मीर में विस्फोट में 33 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय कश्मीर में बारूदी सुरंग के ज़रिए हुए एक विस्फोट में 33 लोग मारे गए हैं. मारे गए लोगों में सैनिक, महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं. मनमोहन सिंह सरकार ने इस हमले की निंदा की है. प्रधानमंत्री की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है, "जम्मू-कश्मीर में लगातार जारी हिंसा इस बात का सूचक है कि देश की अखंडता और प्रगति को आतंकवाद का ख़तरा है." सीमा सुरक्षा बल के उपमहानिरीक्षक के श्रीनिवासन के अनुसार श्रीनगर और जम्मू को जोड़ने वाली सड़क पर ये विस्फोट तब हुआ जब बल के वाहनों का एक काफ़िला वहाँ से गुज़र रहा था. ये विस्फोट रिमोट कंट्रोल के ज़रिए किया गया. विस्फोट के बाद बस में आग लग गई. हिज़बुल मुजाहिदीन ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. ये दुर्घटना श्रीनगर से लगभग 75 किलोमीटर दूर मुंडा नाम की जगह पर हुई है. इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाक़े की नाकाबंदी कर दी है और राजमार्ग पर यातायात रुक गया है. उपमहानिरीक्षक ने इस हमले के लिए इस्लामी चरमपंथियों को दोषी ठहराया है.
बस में कुल 33 लोग सवार थे और बचे हुए लोग भी गंभीर रूप से घायल हैं. शवों को हटाने और घायलों को लाने के लिए सेना के हेलिकॉप्टर रवाना कर दिए गए हैं. विस्फोट इतना ज़बरदस्त था कि सेना की बस पीछे आ रही एक आम बस से टकरा गई और तीन लोग इससे भी घायल हो गए. ये हमला केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बनी नई सरकार के शपथ ग्रहण के एक दिन बाद हुआ है और प्रधानमंत्री सिंह कश्मीर का शांतिपूर्ण हल निकालने की बात कह चुके हैं. |
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