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फिर उछला वाजपेयी की गवाही का मुद्दा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पिछले कई चुनाव से इस आरोप का सामना करना पड़ता है कि उन्होंने 1942 में अपने आपको बचाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ गवाही दी थी. पहले यह आरोप कांग्रेस लगाती रही है और प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस आरोप का खंडन करते रहे हैं. लेकिन इस बार वाजपेयी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे राम जेठमलानी ने एक पत्रकारवार्ता में लीलाधर वाजपेयी को ला खड़ा किया जिनका दावा है कि अटल बिहारी वाजपेयी की गवाही पर चार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सज़ा सुनाई गई थी. लीलाधर वाजपेयी आगरा के पास बटेश्वर गाँव के ही रहने वाले हैं जो प्रधानमंत्री वाजपेयी का भी गाँव है. उनका कहना है कि 27 अगस्त 1942 को कोई डेढ़ दो सौ लोग जंगल विभाग की एक बिल्डिंग पर तिरंगा झंडा फहरा रहे थे. उस समय अटल बिहारी वाजपेयी और उनके भाई प्रेम बिहारी वाजपेयी भीड़ से दूर खड़े हुए थे. उन्होंने पत्रकारवार्ता में बताया कि पुलिस ने उसी समय बहुत से लोगों को गिरफ़्तार कर लिया. उनमें अटल बिहारी वाजपेयी और उनके भाई भी थे. उनका कहना है, ''वाजपेयी जी के पिता ने अंग्रेज़ अफ़सरों से कहकर दोनों भाइयों को छुड़वा लिया और इन दोनों भाइयों ने बाद में स्वतंत्रता सेनानियों के ख़िलाफ़ अदालत में गवाही दी थी.'' अदालत के कागज़ात बाँटते हुए लीलाधर वाजपेयी ने कहा कि दोनों भाइयों की गवाही से चार स्वतंत्रता सेनानियों को जेल भी जाना पड़ा. उनका आरोप है कि अटल बिहारी वाजपेयी ने बाद में अपने भाई को ताम्रपत्र भी दिलवा दिया. उन्होंने कहा कि अदालत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी इमारत को जलाया गया और गिरा दिया गया लेकिन सच यह है कि वहाँ सिर्फ़ झंडा फहराया गया था. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने इस चुनाव में भी वाजपेयी पर ऐसे ही आरोप लगाते हुए विज्ञापन भी जारी किए थे. प्रधानमंत्री वाजपेयी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए छह अप्रैल को लखनऊ में कांग्रेस की निंदा भी की थी. लीलाधर वाजपेयी के बोलने के बाद राम जेठमलानी ने अटल बिहारी वाजपेयी की कथित गवाही को स्वतंत्रता संग्राम के ख़िलाफ़ गद्दारी बताया. उन्होंने भाजपा और प्रधानमंत्री वाजपेयी पर आरोप लगाया कि वे उनके (जेठमलानी) के बारे में घटिया प्रचार कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा को इससे बाज आना चाहिए वरना इसका खामियाजा भुगतना होगा. |
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