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वाजपेयी की 'दोस्त' जेठमलानी से अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जाने-माने वक़ील राम जेठमलानी से अपील की है कि वे लखनऊ से उनके ख़िलाफ़ चुनाव लड़ने के अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करें. जेठमलानी लखनऊ से वाजपेयी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. समाचार एजेंसियों के अनुसार जम्मू में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए वाजपेयी ने कहा कि वे और जेठमलानी पिछले चालीस साल से दोस्त और सहयोगी रहे हैं. उनका कहना था, "संभव है कि ये आख़िरी चुनाव हो जिसमें हम सक्रिय भूमिका निभा रहे हों. इसलिए मैं उम्मीद करता हूँ कि वे अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करेंगे." प्रधानमंत्री वाजपेयी का कहना था कि सुरक्षा, अल्पसंख्यक समुदायों का हित और प्रेस की आज़ादी जैसे जिन मुद्दों को लेकर जेठमलानी चिंतित हैं, वे उनके लिए भी हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं. लेकिन समाचार एजेंसियों के अनुसार जेठमलानी ने उनकी अपील को ठुकरा दिया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने का फ़ैसला भावुक होकर नहीं किया बल्कि 'राष्ट्रीय कर्तव्य' के तहत किया है. उनका कहना था कि कई राजनीतिक दलों ने उनको समर्थन दिया है और वे कोई भी फ़ैसला उनके साथ विचार किए बिना नहीं कर सकते. |
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