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अब एक्ज़िट पोल पर क़ानून की बात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तीसरे चरण के मतदान के बाद हुए एक्ज़िट पोल के परिणामों से चिंतित भाजपा के अध्यक्ष वैकैया नायडू ने कहा है कि यदि एनडीए की सरकार बनी तो एक्ज़िट पोल पर रोक लगाने के लिए क़ानून बनाया जाएगा. उनका कहना था कि इस क़ानून में प्रावधान किया जाएगा कि एक्ज़िट पोल के परिणामों का प्रकाशन-प्रसारण मतदान के सभी चरण पूरे होने के बाद ही हों. समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ नायडू ने कहा है कि एक्ज़िट पोल कराने वालों को जवाबदेह बनाना होगा. पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा है कि अभी चुनाव पूरे नहीं हुए लेकिन एक्ज़िट पोल मतदाताओं को प्रभावित कर ही रहे हैं और वे बेवजह राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाकर शेयर बाज़ार को भी नीचे ले जा रहे हैं. याद रहे कि पहले दो चरणों के बाद के एक्ज़िट पोल के बाद तक भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता को आपत्ति नहीं हो रही थी. शायद इसलिए क्योंकि तब तक एनडीए की स्थिति अच्छी थी. जेटली भी उधर भाजपा के प्रवक्ता अरुण जेटली ने दिल्ली में इसी तरह का राग अलापते हुए कहा है कि अभी आधा चुनाव हुआ है और प्रतिपक्ष में कुछ झूठी उम्मीदें जाग गई हैं. उन्होंने चुटकी ली कि चूज़े अभी निकले नहीं हैं और उनकी गिनती होने लगी है. उन्होंने प्रधानमंत्री पद के लिए हो रही बयानबाज़ी को आधार बनाकर कहा कि परिणाम आने से पहले ही प्रतिपक्ष का असली चेहरा सामने आ गया है. कांग्रेस का आरोप दूसरी ओर कांग्रेस ने आज भी भाजपा के इंडिया शाइनिंग की हवा निकालने का क्रम जारी रखा. पार्टी प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने आंकड़ों गिनाते हुए बताया कि देश में कितने लोग अभी भी ग़रीबी रेखा के नीचे हैं और कितने लोगों को काम करने के बाद भी पर्याप्त पैसे नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों को लेकर एनडीए जनता को गुमराह कर रही है. सिब्बल ने कहा कि भाजपा को अब युवा नेतृत्व की तलाश शुरु कर देना चाहिए. |
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