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कुमारतुंगा की पार्टी को सर्वाधिक सीटें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा की पार्टी को सबसे ज़्यादा सीटें मिली हैं मगर उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका है. अंतिम नतीज़ों के अनुसार राष्ट्रपति कुमारतुंगा की पार्टी, युनाईटेड पीपुल्स फ़्रीडम एलायंस पार्टी, को 105 सीटें मिली हैं. प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे की पार्टी, युनाईटेड नेशनल पार्टी, को 82 सीटें मिली हैं. 225 सीटों वाली संसद में बहुमत हासिल करने के लिए अब छोटी पार्टियों से बातचीत चल रही है. संवाददाताओं का कहना है कि ऐसे चुनावी नतीजे की सूरत में श्रीलंका में लंबे समय से जारी तमिल समस्या के अंत की संभावना और कम हो गई है. कोलंबो से बीबीसी संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन के अनुसार श्रीलंका की बहुसंख्यक सिंहला आबादी कई महीनों से रूकी पड़ी तमिल शांति प्रक्रिया को लेकर बहुत उत्सुक नहीं लग रही है. उधर ऐसा लग रहा है कि श्रीलंका के उत्तर और पूर्वी क्षेत्रों में रहनेवाले तमिल मतदाताओं ने तमिल नेशनल एलायंस पार्टी को वोट दिया है जिसे तमिल विद्रोहियों का समर्थन प्राप्त है. ऐसे में श्रीलंका की किसी भी भावी गठबंधन सरकार में ऐसी छोटी पार्टियों के शामिल होने से तमिल समस्या के समाधान में मुश्किल आएगी जो ऐसे किसी समाधान के विरोधी हैं. |
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