| इस बार दोस्ती टिकेगी: वाजपेयी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लगातार सुधरते भारत-पाकिस्तान संबंधों के बारे में कहा है, "इस बार दोस्ती टिकेगी और दोनों के ही हित में है कि हम दोस्त बनकर रहें." पंजाब के अमृतसर शहर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री वाजपेयी ने उम्मीद ज़ाहिर की कि अब दोनों देशों के बीच लड़ाई का दृश्य फिर से उपस्थित नहीं होगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ सभी विवादित मसले हल करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है. ये जनसभा उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की 'भारत उदय यात्रा' के पहले चरण की समाप्ति के मौके पर आयोजित की गई. 'पड़ोस में परिवर्तन' प्रधानमंत्री वाजपेयी ने पाकिस्तान को संबोधित करते हुए सवाल किया, "कई बार हमारी लड़ाई हो चुकी है मगर आपको क्या मिला? आपने जो भी ज़मीन ली आपने उसे खो दिया." उन्होंने कहा, "आप कश्मीर पर अगर अपना दाँव लगाते हैं तो आइए बात करें, क्योंकि बातचीत ही एकमात्र रास्ता है मामला हल करने का." प्रधानमंत्री वाजपेयी ने पड़ोसी देश के रुख़ में बदलाव का भी स्वागत किया और कहा कि पड़ोस में भी अब कुछ परिवर्तन हो रहे हैं. उन्होंने दोनों देशों के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच का उल्लेख भी किया और कहा कि ये सुधरते रिश्ते दिखा रहा है. उन्होंने कहा, “हम भरोसा कर रहे हैं इंसान पर इंसानियत पर और अपनी सेना की ताक़त पर.” वैसे प्रधानमंत्री मंच का इस्तेमाल चुनावी अंदाज़ में भी करना नहीं भूले और उन्होंने जनता को करगिल की भी भरपूर याद दिलाई. इस मौक़े पर उपस्थित अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री की उन सभी कोशिशों का उल्लेख किया और वाजपेयी को एक बड़ा नेता बताया. |
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