| 'अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र कायम करेंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र कायम करने की अमरीकी प्रतिबद्धता की बात की है. अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा पर गए पॉवेल ने कहा है कि अमरीकी जनता और राष्ट्रपति जॉर्ज बुश अफ़ग़ानिस्तान में लोकतंत्र की स्थापना चाहते हैं. उनका कहना था कि वे वहाँ चुनाव कराने की तैयारी से इसलिए काफ़ी संतुष्ट हैं क्योंकि बड़ी संख्या में महिलाएँ मत देने के लिए नाम दर्ज करवा रही हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई से बातचीत की है. वे अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के कमांडरों से भी मिले हैं. इसके बाद वे पाकिस्तान जाएँगे. सैनिक अभियान पॉवेल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पाकिस्तानी सेना ने अफ़ग़ानिस्तान से मिलने वाली सीमा के इलाक़े में अल क़ायदा और तालेबान के संदिग्ध लड़ाकों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा हुआ है. पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि वज़ीरिस्तान इलाक़े में चलाए गए इस अभियानव में 30 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. अधिकारियों के मुताबिक़ अभियान में आठ सैनिक भी मारे गए हैं. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने सिर्फ़ एक दिन पहले ही कहा था कि सीमावर्ती इलाक़ों में सक्रिय चरमपंथियों से छुटकारा पाया जाना चाहिए. सीमा के दूसरी तरफ़ अफ़ग़ानिस्तन के क्षेत्र में अमरीकी सैनिकों ने भी कुछ इसी तरह का अभियान चलाया हुआ है. परमाणु अप्रसार इससे पहले कॉलिन पॉवेल ने अपनी भारत यात्रा के दौरान एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान में उस तंत्र का पूरी तरह से सफ़ाया होना चाहिए जिसके तहत परमाणु तकनीक लीक की गई है. पॉवेल का कहना था कि पाकिस्तान अब अपने वैज्ञानिक डॉक्टर अब्दुल क़दीर ख़ान से मिली बहुत सारी जानकारी के बारे में अमरीका को बता रहा है. पॉवेल ने भारत और पाकिस्तान के बेहतर होते संबंधों पर संतोष व्यक्त किया और साथ ही कहा कि भारतीय प्रशासित कश्मीर में 'सीमा पार करके आने वाले चरमपंथियों' की संख्या घटी है. |
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