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दूरदर्शन को सिग्नल देने के आदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने टेलीविज़न कंपनी 'टेन स्पोर्ट्स' को आदेश दिए हैं कि वह भारत-पाकिस्तान क्रिकेट सिरीज़ के सिग्नल दूरदर्शन को दे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने दूरदर्शन से कहा है कि वह अदालत में 50 करोड़ रुपए जमा करवाए. 'टेन स्पोर्ट्स' के पास इस सिरीज़ के प्रसारण के अधिकार हैं और कुछ जनहित याचिकाओं के बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है. मुख्य न्यायाधीश वीएन खरे की अध्यक्षता वाले खंडपीठ ने यह आदेश टेन स्पोर्ट्स के इस तर्क के बाद दिया है कि वह अपने प्रसारण अधिकार में किसी की साझेदारी नहीं चाहता. दरअसल 'टेन स्पोर्ट्स' चाहता था कि वह मैच के प्रसारण के अधिकार केबल आपरेटरों को बेचे. इस मामले की अंतिम सुनवाई की तारीख़ 15 अप्रेल तय की गई है. विज्ञापन दिखाने की इज़ाज़त नहीं इस आदेश के बाद 'टेन स्पोर्ट्स' के वकील पीएच पारिख ने पत्रकारों को बताया कि कोर्ट ने दूरदर्शन से आज दस करोड़ रुपए जमा करवाए हैं और 40 करोड़ रुपए जमा करने को कहा है. इस राशि के भुगतान के बारे में फैसला कोर्ट बाद में करेगी. 'टेन स्पोर्ट्स' के वकील के अनुसार, ''कोर्ट ने कहा है कि मैच शुरु होने के आधे घंटे पहले और आधे घंटे बाद तक दूरदर्शन सिर्फ़ 'टेन स्पोर्ट्स' के सिग्नल दिखाएगा और बीच में उसे अपने विज्ञापन दिखाने का कोई अधिकार नहीं होगा.'' उनका कहना है कि पिछले मैच में दूरदर्शन ने जिस तरह अपने विज्ञापन दिखाए उसकी शिकायत 'टेन स्पोर्ट्स' ने की थी. वकील पारिख ने बताया कि कोर्ट ने दूरदर्शन को आदेश दिए हैं कि यदि तकनीकी रुप से संभव हो तो दूरदर्शन अपने सिग्नल देश से बाहर प्रसारित न करे. उनके अनुसार पिछले मैच के में दूरदर्शन के सिगनल मध्य पूर्व और सुदूर पूर्व में भी जा रहे थे. |
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