BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 04 मार्च, 2004 को 21:50 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एलटीटीई ने दरार की बात मानी
तमिल विद्रोही
तमिल संगठन में किसी तरह की फूट से आगामी चुनाव पर असर पड़ सकता है
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई से अलग हुए एक गुट ने सरकार से माँग की है कि वह एक नया संघर्ष विराम समझौता करे.

दूसरी तरफ़ तमिल विद्रोही नेताओं ने पहली बार यह माना है कि उनके संगठन के कुछ नेताओं में दरार पड़ चुकी है जिसे जल्दी ही हल कर लिया जाएगा.

यह दरार एलटीटीई के एक वरिष्ठ कमांडर कर्नल करूणा के आसपास घूमती नज़र आ रही है.

असंतुष्ट धड़े के नेता विनयगमूर्ति मुरलीधरन उर्फ़ करूणा ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि उनके समर्थकों ने सरकार से संपर्क साधा है.

करूणा ने एपी से बट्टीकलोआ के जंगलों में अपने ठिकाने पर बात की.

करूणा ने कहा है कि उनके समर्थक अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र के लिए सरकार के साथ एक नए समझौते के बारे में बातचीत कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उनका गुट एलटीटीई के मुख्य धड़े से अलग हो रहे हैं जिसका नेतृत्व वेलुपिल्लै प्रभाकरण करते हैं.

गुरूवार को ही इससे पहले एलटीटीई के मुख्यालय से एक बयान जारी किया गया जिसमें संगठन के अंदर मतभेद होने की बात तो मानी गई लेकिन कहा गया कि वह अस्थाई है और उसे बहुत जल्द हल कर लिया जाएगा.

असंतोष

समझा जाता है कि करूणा इस बात को लेकर नाराज़ हैं कि ज़्यादातर विद्रोही लड़ाके पूर्वी इलाक़े से आते हैं लेकिन संगठन का नेतृत्व मुख्य रूप से देश के उत्तर क्षेत्र से आने वाले लोगों के हाथों में है.

वी प्रभाकरण
प्रभाकरण एलटीटीई के मुखिया हैं

यह भी कहा जा रहा है कि कर्नल करूणा विद्रोहियों के हाथों राजनीतिक रूप से प्रेरित हत्याओं को लेकर भी नाराज़ हैं.

कर्नल करूणा पूर्वी प्रायद्वीप में एक ताक़तवर कमांडर हैं और वे शांति वार्ता में तमिल टीम की नुमाइंदगी करते रहे हैं.

प्रभारकरण गुट ने जातीय संघर्ष समाप्त करने के लिए 2002 में सरकार के सथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

तब से सरकार और विद्रोहियों के प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता के कई दौर हो चुके हैं.

कोलंबो में मौजूद बीबीसी संवाददाता फ्रांसेस हेरिसन का कहना है कि अभी यह पूरी तरह साफ़ नहीं हो पाया है कि तमिल विद्रोहियों में मतभेद की यह समस्या कितनी गंभीर है?

तमिल विद्रोही अपने कड़े अनुशासन और गोपनीय व्यवहार के लिए जाने जाते हैं और अपने असंतोष को सार्वजनिक रूप से ज़ाहिर करने की घटनाएं ना के बराबर ही होती हैं.

इससे जुड़ी ख़बरें
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>