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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी टूट के कगार पर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी टूट के कगार पर पहुँच गई है. पार्टी नेता पीए संगमा की अगुवाई वाले एक क्षेत्रीय संगठन ने केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का साथ देने का फ़ैसला किया है. संगमा ने दिल्ली में सोमवार शाम संवाददाताओं को बताया कि नॉर्थ ईस्टर्न पीपुल्स फ़ोरम अगले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का साथ देगा. संगमा फ़ोरम के संयोजक हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "किसी भी परिस्थिति में मैं कांग्रेस का साथ नहीं जा सकता. मैं शरद पवार से अपना फ़ैसला बदलने की अपील करता हूँ." उल्लेखनीय है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पवार ने सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस के साथ अगले चुनाव मे उतरने का फ़ैसला किया है.
पवार, संगमा और तारिक अनवर ने 1999 में कांग्रेस पार्टी से निकल कर अपनी अलग पार्टी बनाई थी. अलग पार्टी बनाते वक्त इन नेताओं ने कहा था कि वे सोनिया गाँधी को प्रधानमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते क्योंकि वे विदेशी मूल की महिला हैं. लेकिन बाद में महाराष्ट्र में शासन चलाने के लिए दोनों दलों के बीच समझौता हो गया और वहाँ उनकी साझा सरकार बनी. अब चुनाव से ठीक पहले एनसीपी के अध्यक्ष ने घोषणा कर दी है कि उनकी पार्टी काँग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. संगमा ने पवार के साथ नहीं रहने का संकेत देते हुए कहा, "पवार की अपनी मजबूरियाँ हैं, मेरी अपनी." फ़ोरम की बैठक से पहले रविवार को वह प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मिले थे. संगमा ने कहा कि पवार के साथ सुलह-सफाई का आख़िरी मौक़ा 24 जनवरी को होगा जब दोनों नेताओं की मुलाक़ात होगी. |
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