|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वाजपेयी चाहते हैं अप्रैल में चुनाव
भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी चाहते हैं कि लोक सभा चुनाव अप्रैल में ही हो जाएँ. वैसे मौजूदा लोक सभा का कार्यकाल अक्तूबर में ख़त्म होगा. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वेंकैया नायडू के अनुसार पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, ''यदि अप्रैल से चुनाव हो जाएँ तो अच्छा होगा.'' बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, ''संघर्ष में विजय पाकर ही विश्राम करेंगे.'' ग़ौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सरकार से लोक सभा चुनाव समय से पहले करवाने को कहा है. पार्टी की कार्यकारिणी ने इसके लिए सोमवार को हैदराबाद में एक प्रस्ताव भी पारित किया है. पार्टी सूत्रों के अनुसार फ़रवरी के अंत तक प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से मिलकर लोकसभा को भंग करके नए चुनाव करवाने की सिफ़ारिश करेंगे. सूत्रों का कहना है कि बजट सत्र के पहले ही लोकसभा भंग करने की सिफ़ारिश की जाएगी. पार्टी अध्यक्ष वेंकैया नायडू के अनुसार प्रधानमंत्री वाजपेयी ने वित्तमंत्री जसवंत सिंह से कहा है कि वे बजट के स्थान पर अनुदान माँगों की तैयारी करें और फ़रवरी में अनुदान माँगें पारित करवा लें.
भाजपा केंद्र की गठबंधन सरकार की प्रमुख पार्टी है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने पहले ही प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समय से पहले चुनाव करवाने के लिए अधिकार दे दिए हैं. हाल ही में हुए विधानसभा के चुनाव में तीन राज्यों में मिली जीत से उत्साहित भाजपा को लग रहा है कि इस समय चुनाव होने से उसे फ़ायदा हो सकता है. भाजपा पिछले कई दिनों से समय पूर्व चुनाव की चर्चा कर रही थी लेकिन इस फ़ैसले पर कार्यकारिणी की मंज़ूरी का इंतज़ार किया जा रहा था. कार्यकारिणी की बैठक के बाद वाजपेयी मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ मंत्री ने बीबीसी को बताया कि राजनीतिक प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है जिसमें सरकार से समय से पहले चुनाव में जाने को कहा गया है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||