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'तेलगी घोटाले की जाँच सीबीआई को नहीं'
मुंबई हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया है जिसमें कई करोड़ों के तेलगी स्टांप पेपर घोटाले की जाँच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया गया था. बुधवार को दिए अपने फ़ैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि मामले की जाँच विशेष जाँच दल (एसआईटी) जारी रखेगी और 16 दिसंबर को अपनी अगली रिपोर्ट सौंपेगी. मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सीके ठक्कर और न्यायमूर्ति अभय ओका ने कहा है कि वे इस याचिका को ख़ारिज कर रहे हैं क्योंकि इसी तरह का एक मामला सर्वोच्च न्यायालय में भी लंबित है. उल्लेखनीय है कि विपक्ष का आरोप था कि महाराष्ट्र सरकार उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल को बचाने की कोशिश कर रही है और इसलिए वह मामले की जाँच सीबीआई को नहीं सौंप रही है. महाराष्ट्र सरकार ने इसके बाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर दी थी. अपनी याचिका में सरकार ने कहा था कि चूंकि राज्य के दोनों सदनों के अधिकांश सदस्य चाहते हैं कि मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए इसलिए हाईकोर्ट इसकी अनुमति दे. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सरकार की ओर से राज्यपाल मोहम्मद फ़जल और उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के पत्रों का भी हवाला दिया गया जो उन्होंने मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे को लिखे थे कि मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए. उल्लेखनीय है कि सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे समेत बहुत से लोग इस मामले को सीबीआई को सौंपने के ख़िलाफ़ हैं. उनका मानना है कि इससे मामले की जाँच में अनावश्यक देरी होगी. |
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