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तेलगी मामले में जाँच जारी रखने के आदेश
मुंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में लाखों रुपए मूल्य के स्टांप पेपर घोटाले की जाँच कर रहे विशेष जाँच दल को काम जारी रखने के लिए कहा है. मामले की जाँच का काम केंद्रीय जाँच ब्यूरो को देने की सरकार की अपील न्यायालय ने खारिज कर दी और विशेष जाँच दल के काम पर संतोष जाहिर किया. न्यायालय ने विशेष जाँच दल को मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख आरएस शर्मा के विरुद्ध चार्जशीट दाख़िल करने के लिए भी कहा है. शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने कुछ लोगों को बचाने के लिए जाँच के काम में देर की. अब तक इस मामले में 16 लोग गिरफ़्तार किए जा चुके हैं जिनमें 15 पुलिसकर्मी हैं. ये पुलिसकर्मी भी इस मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ़्तार किए गए हैं. स्टांप पेपर घोटाला अब तेलगी मामले के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है क्योंकि इस घोटाले के मुख्य अभियुक्त का नाम अब्दुल करीम तेलगी है. यह घोटाले की मार कई राज्यों में पड़ी है और उन राज्यों में स्वतंत्र रूप से इसकी जाँच चल भी रही है. वैसे सीबीआई जाँच के विरुद्ध आया न्यायालय का ये फ़ैसला महाराष्ट्र के लिए है. जाँच दल का काम विशेष जाँच दल अब अगली रिपोर्ट 16 जनवरी को सौंपेगा. ये दल कर्नाटक पुलिस से मिले टेलीफ़ोन बातचीत के 56 टेप सुनने में व्यस्त है. विशेष दल का कहना है कि वह लगभग 100 घंटे के ये टेप सुन रहा है जिसमें इस घोटाले के प्रमुख अभियुक्त अब्दुल करीम तेलगी और पुणे के कुछ पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत दर्ज है. ये पुलिस अधिकारी उन दिनों आरएस शर्मा के मातहत काम कर रहे थे जो कुछ समय पहले तक मुंबई के पुलिस कमिश्नर थे. शर्मा के विरुद्ध चार्जशीट दाख़िल करने का आदेश तब आया जब 12 नवंबर को विशेष जाँच दल ने पहली प्रगति रिपोर्ट सौंपी. रिपोर्ट में दल की अब तक की प्रगति का ब्यौरा है और साथ ही इस घोटाले में शर्मा की भूमिका पर भी रोशनी डाली गई है. मुंबई उच्च न्यायालय ने मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल के गठन का आदेश तब दिया था जब समाजसेवी अण्णा हज़ारे ने मामले की जाँच के लिए एक जनहित याचिका दायर की थी. महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस प्रमुख सुखविंदर सिंह पुरी को सेवानिवृत्ति के बाद भी बुलाया गया जिससे वह इस मामले की जाँच कर सकें. विशेष जाँच दल पहले ही शर्मा से दो दिन तक 10 घंटे से भी अधिक पूछताछ कर चुका है. उनके विरुद्ध जल्दी ही विभागीय जाँच भी शुरू हो जाएगी. कुछ ही समय पहले पुणे के एक वरिष्ठ अधिकारी श्रीधर वगल को भी गिरफ़्तार किया गया था. |
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