|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शीला ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ दिल्ली में कॉंग्रेस को मिली जीत की नायक शीला दीक्षित ने सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ ही छह मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. इस बार मंत्रिमंडल में दो नए चेहरे अरविंदर सिंह 'लवली' और मंगत राम सिंघल भी शामिल किए गए हैं. जबकि डॉक्टर एके वालिया, हारून यूसुफ़, राजकुमार चौहान योगेंद्र शास्त्री को फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिली है. लेफ़्टिनेंट जनरल विजय कपूर ने दीक्षित और उनके मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई. दिल्ली को वर्ष 1998 में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा मिला था और उसके बाद शीला लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनी हैं. उन्होंने चुनाव में शासन और विकास को मुद्दा बनाया था जिसका विपक्षी भारतीय जनता पार्टी कोई तोड़ नहीं ढूँढ़ सकी. ऊर्जा और परिवहन मंत्रालय में मुश्किल के वक़्त में कुशलता से काम करने वाले अजय माकन को इस बार मंत्रिपरिषद में जगह नहीं मिल सकी है. मगर राजनीतिक हलकों में ये चर्चा गर्म है कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है. कॉंग्रेस ने लगातार दूसरी बार दो तिहाई बहुमत हासिल करके भाजपा को सत्ता से दूर रखा है. शीला दीक्षित को गाँधी परिवार के नज़दीक़ माना जाता है और उन्होंने पार्टी को इन चुनाव में काफ़ी कुशलता से जीत दिलाई थी. माना जा रहा है कि 'लवली' को सिख होने की वजह से पूर्व वित्त मंत्री एमएस साथी की जगह मंत्री बनाया गया है. साथी चुनाव हार गए थे. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||