|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भ्रष्टाचार की जाँच होगीः उमा भारती
मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री उमा भारती ने शपथ-ग्रहण के बाद अपने पहले संवादददाता सम्मेलन में घोषणा की कि राज्य की आर्थिक स्थिति पर उनकी सरकार जल्द ही एक श्वेतपत्र जारी करेगी. इसके साथ एक कार्ययोजना भी जारी की जाएगी जिसमें नई सरकार की सभी प्राथमिकताएँ शामिल होंगी. ये प्राथमिकताएँ हैं सड़क, बिजली, रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ. उमा भारती और उनके 17 मंत्रिमंडल के सदस्यों ने सोमवार दोपहर शहर के लाल परेड ग्राउंड पर पद और गोपनीयता की शपथ ली थी. भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि मंच पर चालीस से ज्यादा हिन्दू साधु संत और अन्य धर्मों के प्रतिनिधी मौजूद थे. आमंत्रित साधु पत्रकारों ने जब इस बारे में पूछा तो उमा भारती का जवाब था कि 20 हज़ार लोगों की भीड़ में तीस चालीस लोग (साधु संत) उनकी जाति के भी आ गए तो किसी को क्या आपत्ति है. मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि मंत्रिमंडल में राज्य के सभी संभागों को प्रतिनिधित्व दिया गया है. मंत्रिमंडल के गठन में पार्टी मे सबसे सलाह ली गई और केन्द्रीय नेतृत्व से स्वीकृति ली गई है. उमाभारती ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह पर चुनाव के दौरान 15 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप के बारे मे वे 15 दिसंबर को अदालत मे खुद पेश होंगी. उन्होंने कहा कि आदिवासी और अनुसूचित जाति के लोगों के मंत्रिमंडल में ज़्यादा संख्या में लेने से अधिक उनकी सरकार के लिये यह महत्वपूर्ण है कि इन उपेक्षित वर्गों को सरकारी योजनाओं का कितना लाभ मिलता है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||