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उम्मीद से ज़्यादा: वाजपेयी
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विधानसभा चुनाव परिणामों को 'अप्रत्याशित' बताया. लेकिन उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की चुनावों में जीत के बाद लोकसभा के चुनाव जल्द कराए जाने की संभावना से इनकार किया. प्रधानमंत्री राष्ट्रमंडल देशों के शासनाध्यक्षों की बैठक में भाग लेने के लिए नाइजीरिया रवाना होने से पहले बोल रहे थे. चुनाव नतीज़ों पर अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिक्रिया थी," हम को भी ऐसी आशा नहीं थी. हम लोगों ने सोचा था, दो-दो आएगा."
प्रधानमंत्री वाजपेयी का कहना था कि विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने लोगों से जुड़े बिजली, सड़क जैसे मुद्दे उठाए. किसी ने भी मंदिर-मस्जिद की बात नहीं की. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि ये नकारात्मक वोट है या फिर सकारात्मक, तो उनका कहना था, "सत्ता में रहने का लाभ भी होता है, घाटा भी होता है." इसके पहले प्रधानमंत्री वाजपेयी ने भारतीय जनता पार्टी सांसदों से कहा था कि वे अगले साल आम चुनाव के लिए तैयारी में लग जाएँ. भाजपा संसदीय दल की बैठक में बुधवार को प्रधानमंत्री वाजपेयी ने कहा था कि लोक सभा चुनाव अब केवल एक वर्ष दूर रह गए हैं इसलिए उन्हें अपने क्षेत्रों में जाकर चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाना चाहिए. प्रधानमंत्री ने सांसदों से कहा था कि वे सरकार की उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुँचाएँ. ऐसी चर्चाएँ काफ़ी समय से चल रही हैं कि समय से पहले लोक सभा के चुनाव हो सकते हैं और इन विधानसभा चुनावों के नतीज़ों के ये चर्चाएँ एक बार फिर जोर पकड़ गईं हैं. इस लोकसभा का कार्यकाल अगले साल अक्तूबर तक है. |
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