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हिंसा के बीच म़िजोरम में शपथ ग्रहण
पूर्वोत्तर राज्य म़िजोरम में हिंसा के कारण जोरमथंगा के नेतृत्व वाली मिज़ो नेशनल पार्टी की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा था. बाद में राज्यपाल अमोलक रतन कोहली ने 14 सदस्यीय मंत्रिपरिषद को शपथ दिलवाई. राज्य के तीन विपक्षी दलों- काँग्रेस, ज़ोरम नेशनलिस्ट पार्टी और मिज़ोरम पीपुल्स कांफ़्रेंस ने सुआंगपुइलान विधानसभा क्षेत्र में मतों की गिनती शुरू करने के विरोध में हड़ताल आयोजित की थी. इस विधानसभा क्षेत्र के तीन उम्मीदवारों का अपहरण कर लिया गया था. माना जा रहा है कि अलगाववादी संगठनों की धमकी के कारण यहाँ मतदान भी कम हुआ. विपक्षी दल यहाँ पुनर्मतदान की माँग कर रहे हैं. शपथ ग्रहण से पहले विपक्षी पार्टियों के समर्थक राजधानी आइज़ोल में सड़कों पर उतर आए. मिज़ोरम सरकार के एक प्रवक्ता का कहना था कि विपक्षी पार्टियों के समर्थकों ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें तोड़ दी और चुनाव अधिकारियों पर भी हमला किया.
उन पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा और आँसू गैस छोड़नी पड़ी. इस मारपीट में कम से कम 20 लोग घायल हो गए हैं. इस हिंसा के कारण मुख्यमंत्री ज़ोरमथंगा और उनके मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले अधिकतर सदस्य शपथग्रहण समारोह तक पहुँच नहीं पाए. समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में म़िजोरम के राज्यपाल अमोलक रतन कोहली ने कहा," विपक्ष के बंद के कारण शपथ ग्रहण समारोह कुछ घंटों के लिए स्थगित करना पड़ा था." मिज़ोरम में सत्तारूढ़ मिज़ो नेशनल फ़्रंट को स्पष्ट बहुमत मिला है. शुरूआत में टक्कर देती दिख रही काँग्रेस काफ़ी पीछे रह गई. चालीस सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए हुए चुनाव में घोषित 38 परिणामों में से मिज़ो नेशनल फ़्रंट ने 21 सीटें जीत ली थीं जबकि कांग्रेस को 12 ही सीटें मिलीं. ज़ोरम नेशनलिस्ट पार्टी और मिज़ोरम पीपुल्स कांफ़्रेंस एमपीसी ने दो-दो सीटें और मारा डेमोक्रेटिक फ़्रंट पार्टी ने एक सीट जीती है. |
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