BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 20 नवंबर, 2003 को 00:38 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मिज़ोरमःचरमपंथ से शांति तक

मिज़ोरम में चरमपंथी आँदोलन की शुरूआत हुई साठ के दशक में.

इस आँदोलन की कमान थी मिज़ो नेशनल फ़्रंट नाम के एक राजनीतिक संगठन के हाथ में जिसका जन्म 22 अक्तूबर 1961 को हुआ.

लालडेंगा के नेतृत्व में एमएनएफ़ ने अभियान छेड़ दी - अलग राष्ट्र ग्रेटर मिज़ोरम की.

आँदोलन ने हिंसक रूप लिया और 28 फ़रवरी 1966 के दिन मिज़ोरम के कई महत्वपूर्ण शहरों में सरकारी दफ़्तरों पर एक ही साथ हमले किए गए.

1967 में एमएनएफ़ पर प्रतिबंध लगा दिया गया.

मगर मिज़ोरम में अलग राज्य की माँग ज़ोर पकड़ने लगी.

केंद्र शासित प्रदेश

लालडेंगा

मई 1971 में एक मिज़ो प्रतिनिधिमंडल तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी से मिला और एक अलग राज्य बनाए जाने की माँग की.

भारत सरकार ने जुलाई 1971 में मिज़ोरम को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने का प्रस्ताव रखा.

मिज़ो नेता इसके लिए राज़ी हो गए मगर उन्होंने शर्त रखी कि मिज़ोरम को बाद में राज्य बना दिया जाएगा.

आख़िरकार 21 जनवरी 1972 को मिज़ोरम एक केंद्र शासित प्रदेश बन गया.

संसद में मिज़ोरम के लिए दो सीटें रखी गईं. एक लोकसभा में और एक राज्यसभा में.

समझौता

आइज़ोल में राजीव गाँधी

एक दशक बाद 1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद राजीव गाँधी प्रधानमंत्री बने और मिज़ोरम की राजनीति ने एक नई करवट ली.

15 फ़रवरी 1985 को लालडेंगा ने राजीव गाँधी से मुलाक़ात की और सारे विवादास्पद मुद्दे उनके सामने रखे.

इस वक़्त तक ऐसे आसार नज़र आ रहे थे कि शायद दोनों पक्ष किसी समझौते के लिए राज़ी हो जाएँ.

भारत सरकार को ऐसा लग रहा था कि मिज़ो समस्या कुछ ज़्यादा ही खिंच रही है और उधर अलगाववादियों को लग रहा था कि शांति का एकमात्र रास्ता यही है कि भारत में ही बना रहा जाए.

30 जून 1986 को मिज़ो नेशनल फ़्रंट और भारत सरकार के बीच एक समझौता हुआ.

समझौते पर लालडेंगा और भारत के गृह सचिव आर डी प्रधान ने दस्तख़त किए.

इसके बाद मिज़ो नेशनल फ़्रंट के भूमिगत कार्यकर्ता बाहर आने लगे और अपने हथियार सौंप समर्पण करने लगे.

जुलाई के पहले दो हफ़्तों में ही एमएनएफ़ के 614 कार्यकर्ताओं ने हथियारों समेत समर्पण कर दिया.

पूर्ण राज्य का दर्जा

एमएनएफ़ मिज़ोरम को पूर्ण राज्य बनाए जाने की माँग पर अड़ा रहा.

5 अगस्त 1986 को लोकसभा में मिज़ोरम को राज्य बनाए जाने के संबंध में एक विधेयक को मंज़ूर कर लिया गया.

अंततः 20 फ़रवरी 1987 को मिज़ोरम को औपचारिक रूप से पूर्ण राज्य बनाए जाने की घोषणा की गई.

राज्य के मुख्य सचिव ललखामा ने राजधानी आइज़ोल के परेड ग्राउंड में एक जनसभा में मिज़ोरम के पूर्ण राज्य बनाए जाने का एलान किया.

और इस ऐतिहासिक दिन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी विशेष तौर पर आइज़ोल आए.

सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>