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प्रभाकरण की विद्रोह तेज़ करने की चेतावनी
श्रीलंका के विद्रोही तमिल नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरण ने चेतावनी दी है कि यदि शांति वार्ता में गतिरोध बना रहा तो वह एक पृथक राज्य की अपनी मांग फिर उठाएँगे. लेकिन उन्होंने इस आरोप से इनकार किया कि विद्रोही शांति प्रक्रिया का इस्तेमाल लड़ाई की तैयारी के लिए कर रहे हैं और उनका उद्देश्य पूर्ण स्वतंत्रता हासिल करना है. वह 'हीरोज़ डे' पर अपने साथियों को संबोधित कर रहे थे जब विद्रोही अपने दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि देते हैं. शांति प्रक्रिया श्रीलंका की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच गहरे मतभेदों के कारण रुकी हुई है. प्रभाकरण ने अपने भाषण में इस बात से पूरी तरह इनकार किया कि विद्रोही सशस्त्र आंदोलन को फिर शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.
लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग और प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे को सावधान किया कि उन्हें अपने विवाद सुलझा कर शांति प्रक्रिया को बचाना चाहिए. सरकार के साथ पहले बातचीत के समय विद्रोहियों ने संकेत दिया था कि यदि उनकी अन्य शर्तें मान ली गईं तो वे एक अलग राज्य की अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग छोड़ देंगे. बुधवार को प्रभाकरण ने यूरोपीय संघ के दूत क्रिस पैटन के साथ विवादास्पद बातचीत की थी. विद्रोहियों ने 1983 में जब से अल्पसंख्यक तमिलों के लिए एक अलग राज्य की मांग शुरू की है तब से साठ हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. |
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