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सीबीआई असम मामले की जाँच करेगी: गोगोई
असम सरकार ने ऐलान किया है कि वह बिहारियों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा की जाँच का काम केंद्रीय जाँच ब्यूरो को सौंपने जा रही है. इस हिंसा में पिछले एक सप्ताह में 56 लोगों की जानें गई थीं. मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमने यह जाँच सीबीआई से कराने का फ़ैसला किया क्योंकि यदि राज्य सरकार यह जाँच करती तो विपक्ष इस पर एकतरफ़ा होने का आरोप लगाता. उन्होंने कहा कि इस बारे में जल्दी ही केंद्र को एक पत्र लिखा जाएगा. गोगोई ने इस बात से इनकार किया कि यह हिंसा राज्य में पूरी सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से बढ़ी.
उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त पंद्रह टुकड़ियाँ मँगा ली गई थीं और राज्य में उन्हें मिला कर कुल 125 टुकड़ियाँ हो गई थीं. राज्य सरकार ने एहतियाती क़दम उठाते हुए हिंदी बोलने वाले सत्रह हज़ार से ज़्यादा लोगों को उनकी सुरक्षा के लिए विशेष शिविरों में पहुँचा दिया है. ट्रक-चालकों का इनकार बिहार की सीमा पर पिछले पाँच दिन से असम जाने वाले हज़ारों ट्रक रुके खड़े हैं क्योंकि ड्राइवरों ने वहाँ जाने से इनकार कर दिया है. इनमें से अधिकतर हिंदी भाषी हैं और वे ज़रूरत का सामान असम ले जाने से कतरा रहे हैं. बिहार मोटर परिवहन संघ के अध्यक्ष उदय शंकर प्रसाद सिंह ने बीबीसी से कहा कि ट्रकों की यह हड़ताल तभी समाप्त होगी यदि असम में बिहारियों को पूरी सुरक्षा संबंधी गारंटी मिले. इस कार्रवाई से छह अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को भी सामान नहीं पहुँच पा रहा है क्योंकि वहाँ पहुँचने के लिए भी असम से होकर गुज़रना पड़ता है. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि यदि यह समस्या जल्दी नहीं सुलझी तो कई राज्यों में ज़रूरत की चीज़ों का भारी अभाव हो जाएगा. |
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