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असम में हिंदी भाषी लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा जारी
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम में हिंदी भाषी लोगों के ख़िलाफ़ जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. रविवार को राज्य में दो और लोगों की हत्या कर दी गई. इस तरह पिछले 24 घंटों के दौरान 13 लोगों की जानें जा चुकी हैं. राज्य में हिंसा रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा के लिए दूसरे राज्यों से आए परीक्षार्थियों के विरोध से शुरू हुई थी और इसमें अब तक 40 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. रविवार को तिनसुकिया ज़िले में ही संदिग्ध उल्फ़ा उग्रवादियों ने दो लोगों की हत्या कर दी. पुलिस के अनुसार उग्रवादियों ने ज़िले के हलोखोवा गाँव पर हमला किया और कई घरों में आग लगा दी. जिसमें दो लोग मारे गए. यहाँ अधिकतर बिहार से आए लोग रहते हैं. इलाक़े में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है. शनिवार को तिनसुकिया ज़िले में ही 11 लोगों की हत्या कर दी गई थी. ये घटनाएँ ऐसे समय हो रही हैं जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद और पूर्वोत्तर मामलों के प्रभारी मंत्री सीपी ठाकुर राज्य के दौरे पर हैं. इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव रविवार को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गाँधी से मुलाक़ात कर रहे हैं. ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र में भी शनिवार को रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आए बिहार के छात्रों के साथ शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मारपीट की थी. क़दम असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की पहल पर शनिवार को तिनसुकिया के ज़िला आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया गया था. केंद्र सरकार ने भी स्थिति की गंभीरता देखते हुए अर्धसैनिक बलों की छह और कंपनियों को राज्य में तैनात कर दिया है और अतिरिक्त 38 कंपनियों को वहाँ भेजने को हरी झंडी दे दी है.
उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने हिंसा के पीछे विदेशी ताकतों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया है. राज्य के दौरे पर गए केंद्रीय मंत्री सीपी ठाकुर ने भी बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि दो पड़ोसी देश असम में अपनी चाल चल रहे हैं. उन्होंने कहा, "असम में जो लोग मारे जा रहे हैं वे निर्दोष मज़दूर हैं और इससे साबित होता है कि हिंसा के पीछे साज़िश है." राज्य में हिंसा की रोकथाम में अभी तक लगभग 450 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. असम के कई शहरों में एहतियात के तौर पर अलग-अलग समय के लिए कर्फ़्यू लगाया गया है. तिनसुकिया और डिब्रूगढ़ ज़िलों में कर्फ़्यू के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और रेल यातायात में भी रुकावट आई है. इन दोनों ज़िलों में बिहार के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं. |
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