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भारत और रूस में महत्वपूर्ण समझौते
भारत और रूस ने बुधवार को कुछ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं जिनमें आतंकवाद से मुक़ाबला करने का एक संयुक्त समझौता भी शामिल है. भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की रूस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद पर चिंता ज़ाहिर की और इस बारे में एक नौ-सूत्रीय कार्ययोजना पर सहमति ज़ाहिर की. प्रधानमंत्री वाजपेयी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विश्व सुरक्षा और स्थिरता को विश्वव्यापी चुनौती और ख़तरे पर एक घोषणापत्र पर दस्तख़त किए. इस घोषणापत्र में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि अलग-अलग विचारधाराओं वाले समाज में किसी विशिष्ट विचारधारा या असहनशीलता के लिए जगह नहीं है. 'सक्रिय' सहयोग पर सहमति दोनों नेताओं ने आतंकवाद-विरोधी गतिविधियों में 'सक्रिय' रूप से सहयोग देने पर सहमति ज़ाहिर की. राष्ट्रपति पुतिन ने अपने वक्तव्य में कहा कि आधुनिक समय में आतंकवाद का ख़तरा सबसे बड़े ख़तरों में से एक है. घोषणापत्र में कहा गया कि दुनिया भर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए बातचीत, परामर्श और सहयोग ज़रूरी है. कहा गया कि दोनो देश सामरिक महत्व के पड़ोसी होने के नाते द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इराक़ के मामले पर दोनों देशों ने इस बात पर सहमति ज़ाहिर की कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक समयबद्ध और ठोस योजना की ज़रूरत है. |
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