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सोमवार, 10 नवंबर, 2003 को 23:55 GMT तक के समाचार
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वाजपेयी की पुतिन से आज मुलाक़ात
वाजपेयी और पुतिन
दोनों देशों के बीच 10 समझौते होने की उम्मीद है

भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाक़ात कर रहे हैं.

इससे पहले मंगलवार को मॉस्को पहुँचने पर उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक भोज में हिस्सा लिया.

प्रधानमंत्री रूस में तीन दिन रहेंगे और इस दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के समझौते किए जाएंगे.

इनमें अंतरिक्ष अनुसंधान, विज्ञान और प्रोद्योगिकी, व्यापार और बैंकिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

दोनों देश अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर संयुक्त घोषणापत्र भी जारी कर सकते हैं.

शीत युद्ध के समय से दोस्त रहे दोनों देश ख़ासकर रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

मॉस्को में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि भारत अब रूसी हथियारों के बड़े ख़रीददारों में से एक है.

इसके अलावा दोनों देश सैनिक साज़ो-सामान बनाने के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास कर रहे हैं.

भारत रूस का विमान वाहक पोत - एडमिरल गोर्शख़ोव भी ख़रीदने की कोशिश कर रहा है.

रूस के बाद प्रधानमंत्री वाजपेयी ताजिकिस्तान और सीरिया के दौरे पर भी जाएँगे.

निकटता

पिछले एक साल से भी कम समय में प्रधानमंत्री वाजपेयी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच यह चौथी मुलाक़ात होगी.

इसी से यह अंदाज़ा हो जाता है कि दोनों देश एक-दूसरे को कितना महत्व देते हैं.

भारत ने अमरीका और चीन के साथ दोस्ती का हाथ ज़रूर बढ़ाया है लेकिन रूस के साथ उसके रिश्ते काफ़ी पुराने हैं.

और जहाँ तक भारत की विदेश नीति की बात है उसमें रूस का अब भी बहुत महत्व है.

दोनों देश इराक़ के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक राय रखते हैं.

रक्षा सहयोग

वाजपेयी की मास्को यात्रा में रक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर समझौते की उम्मीद है.

इसके तहत दोनों देश संभवतः दुनिया के सबसे पहले सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल विकसित करने पर समझौता कर सकते हैं.

दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के उद्देश्य से 90 सदस्यों वाला वाणिज्यिक प्रतिनिधिमंडल भी प्रधानमंत्री वाजपेयी के साथ है.

भारत और रूस के बीच व्यापार लंबे समय से 1.4 अरब डॉलर के स्तर के आसपास ही रुका पड़ा है जिसे और बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

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