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गुजरात में दंगा भड़का, दो की मौत
गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के कालूपुर इलाक़े में रविवार रात सांप्रदायिक हिंसा में दो लोगों के मारे जाने और छह के घायल होने की ख़बर है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सांप्रदायिक हिंसा के बाद कालूपुर के संवेदनशील इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. वहाँ तनाव बना हुआ है. कालूपुर और आसपास के इलाक़ों में अतिरिक्त सैन्य बल और रैपिड एक्शन फ़ोर्स को तैनात कर दिए गए हैं. अधिकारियों के अनुसार एक व्यक्ति की मौत उस समय हो गई जब उसके स्कूटर को आग लगा दी गई. दूसरे व्यक्ति की मौत चाकू मारने से हुई. पुलिस ने बताया है कि सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद पुलिस इलाक़े में पहुँच गई थी. पथराव की घटना में छह लोग घायल हुए हैं. पुलिस का कहना है कि उत्तेजित भीड़ को क़ाबू में करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. माना जा रहा है कि अहमदाबाद के पुराने इलाक़े जुहापुरा में अल्पसंख्यक समुदाय के एक व्यक्ति के मारे जाने की अफवाह के बाद कालूपुर में हिंसा भड़की. एमनेस्टी दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने गुजरात में अल्पसंख्यक समुदाय के साथ हो रहे 'अन्याय' को रोकने के लिए तुरंत क़दम उठाने की माँग की है. संस्था का कहना है कि गुजरात में पिछले साल हुए दंगों के बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में मुसलमानों को ग़ैर क़ानूनी रूप से हिरासत में रखा है. गुजरात में पिछले साल फ़रवरी में गोधरा में एक रेलगाड़ी जलाने की घटना के बाद दंगे भड़क उठे थे. गोधरा में 59 लोग मारे गए थे. लेकिन उसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी और क़रीब दो हज़ार लोग मारे गए जिनमें ज़्यादातर मुसलमान थे. कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी गुजरात सरकार के कामकाज के तरीक़े पर सवाल उठाया था. |
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