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मायावती की गिरफ़्तारी पर रोक लगी
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को ताज हेरिटेज कोरिडोर और एक अन्य मामले में अदालत से कुछ राहत मिली है. इलाहबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने ताज महल के पास निर्माण के मामले में केद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को आदेश दिए हैं कि जाँच पूरी हो जाने तक उन्हें गिरफ़्तार न किया जाए. दो अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की गिरफ़्तारी पर भी रोक लगा दी गई है. आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने के मामले में भी उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी गई है. 'मायावती सहयोग दें' हाल ही में ताज महल के पास निर्माण के मामले में सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है. मायावती ने आरोप लगाया था कि उनके ख़िलाफ़ ये मामले एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हैं. एफ़आईआर यानी प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि सीबीआई का राजनीतिक इस्तेमाल प्रधानमंत्री के इशारे पर हो रहा है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इन आरोपों का खंडन किया था. मायावती के लखनऊ और दिल्ली स्थित निवास पर छापे भी मारे गए थे. बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने मायावती के ख़िलाफ़ दर्ज हुए एफ़आईआर को ख़ारिज करने से इनकार कर दिया है. सीबीआई ने ये एफ़आईआर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज किए थे. न्यायालय ने मायावती को आदेश दिया कि वे इस जाँच में अपना सहयोग दें और बिना इजाज़त देश छोड़कर न जाएँ. |
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