|
दुराचार मामले में हज़ारों जाँच के घेरे में | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में बच्चों के साथ यौन दुराचार के मामले में एक इंटरनेट नेटवर्क के क़रीब 12000 संदिग्ध सदस्यों की जाँच की जा रही है. यह जर्मनी के इतिहास में सबसे बड़ी जाँच होगी जिसमें इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं. एक वरिष्ठ सरकारी वकील के मुताबिक सदस्यों पर बच्चों की ग़ैरक़ानूनी तस्वीरों को इंटरनेट से डॉउनलोड करने और उन तस्वीरों को अपने पास रखने का आरोप है. यह जाँच पिछले कई महीनों से चल रही है. जाँच मे संदिग्धों के 70 अन्य देशों में होने का अंदेशा व्यक्त किया गया है. इस मामले का पता उस समय चला जब बर्लिन में इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को यह जानकारी दी कि एक ख़ास वेबसाइट पर जाने वाले लोगों की संख्या में बहुत अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है. बाद में जांच से पता चला कि यह वेबसाइट बच्चों के साथ यौन दुराचार को बढावा दे रही थी. इंटरनेट के माध्यम से बच्चों के साथ होने वाले यौन दुराचार के मामलों की देखभाल के लिए बने मुख्य कार्यालय के प्रमुख पीटर वोगट ने कहा," हमने पहले साम्रगी का विश्लेषण किया फिर सर्च वारंट ज़ारी किया है." संदिग्धों में पू्र्वी जर्मनी राज्य साचसेन-एनहाल्ट के 300 लोग हैं जिन पर जाँच चल रहा है | इससे जुड़ी ख़बरें चीन में 3000 इंटरनेट कैफ़े बंद 28 दिसंबरजनवरी, 2002 | पहला पन्ना 'यौन दुराचार' पर नया क़ानून 30 जनवरी, 2003 | पहला पन्ना 'अश्लील सामग्री दिखाई तो आजीवन क़ैद'06 सितंबर, 2004 | पहला पन्ना फ्रांस में यौन शोषण का बड़ा मामला03 मार्च, 2005 | पहला पन्ना बेवफ़ाई बढ़ाता इंटरनेट21 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||