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अल गोर को नोबेल शांति सम्मान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जलवायु परिवर्तन के मामले में दुनिया भर में अभियान चलाने वाले अमरीका के पूर्व उप राष्ट्रपति अल गोर को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. उन्हें संयुक्त राष्ट्र के संगठन आईपीसीसी (इंटरगर्वन्मेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज) के साथ संयुक्त रूप से नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है. आईपीसीसी के अध्यक्ष भारत के वैज्ञानिक आरके पचौरी हैं और वे संगठन की ओर से यह सम्मान ग्रहण करेंगे. अल गोर बिल क्लिंटन के कार्यकाल में उप राष्ट्रपति थे, वे 2001 में जॉर्ज बुश के ख़िलाफ़ चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे. अल गोर ने राजनीति से संन्यास लेने के बाद अपना पूरा ध्यान जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित कर रखा है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था आईपीसीसी में जलवायु परिवर्तन से जुड़े तीन हज़ार से अधिक वैज्ञानिक काम करते हैं. नोबेल सम्मान समिति का कहना है कि वह चाहती है कि दुनिया का ध्यान जलवायु परिवर्तन की गंभीर समस्या की ओर खींचा जाए. सम्मान की घोषणा में कहा गया है कि "जलवायु परिवर्तन के ख़तरों से आम जनता को आगाह करने की दिशा में अहम काम करने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है." नोबेल पुरस्कार समिति हमेशा नामांकित लोगों का नाम बहुत ही गोपनीय रखती है लेकिन इस बार चर्चा तेज़ थी कि जलवायु परिवर्तन से संबंधित व्यक्ति या संस्था को इस बार का सम्मान दिया जा सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें दुनिया के नौ शहरों में हो रहा है लाइव अर्थ कॉन्सर्ट07 जुलाई, 2007 | पहला पन्ना ख़ास खासी सम्मान अल गोर को30 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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