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'मैं मंत्री के रूप में काम कर सकता हूँ' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व उपमहासचिव शशि थरूर का कहना है कि वो भारत सरकार में मंत्री के रूप में काम करने के लिए तैयार हैं. लंदन में बीबीसी हिंदी सेवा से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यदि उन्हें प्रस्ताव मिले तो वो मंत्री के रूप में काम कर सकते हैं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. बीबीसी हिंदी के कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में उन्होंने कहा,'' मैं तैयार हूँ. मैं कहना चाहता हूँ कि मैंने भारत के लिए और साथ ही साथ दुनिया के लिए काम किया है लेकिन मैंने हमेशा विदेशों में काम किया है.'' थरूर का कहना था,'' यदि मुझसे कहा जाएगा तो मैं यह ज़िम्मेदारी उठाने के लिए तैयार हूँ.'' जब उनसे पूछा गया कि वो संयुक्त राष्ट्र महासचिव क्यों नहीं बन पाए तो उनका कहना था कि सिद्धांतों वाले विशाल देश के साथ अन्य बड़े देशों की पटरी नहीं बैठती है. उन्होंने अमरीका के भारत के प्रति दोहरे रवैए पर भी टिप्पणी की. जब उनसे पूछा गया कि अमरीका अपने आपको भारत का दोस्त दिखाता है लेकिन सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य नहीं बनाना चाहता, इस पर उनका कहना था कि अमरीका महाशक्ति है और वो भारत को भी उसी स्थान पर नहीं देखना चाहता है. डॉक्टर थरूर का कहना था कि स्थाई सदस्य बनने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो तिहाई सदस्यों के समर्थन की ज़रूरत होती है लेकिन कुछ देश जो भारत से जलते हैं, वो ऐसा नहीं होने देते. शशि थरूर का कहना था कि भारत को 'सुपर पावर' की जगह 'सॉफ्ट पावर' बनना चाहिए. उनका 'सॉफ्ट पावर' से अभिप्राय था कि एक महाशक्ति जिसकी सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक और विदेश नीति मूल्यों पर आधारित हो. डॉक्टर थरूर का कहना था कि अमरीका बिना सैन्य शक्ति के एक 'सॉफ्ट पावर' होता. उनका कहना था,'' सॉफ्ट पावर के लिए भारत को अपनी असली ताक़त- विविधिता, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर ज़ोर देना चाहिए.'' कार्यक्रम में शशि थरूर ने कहा कि विविधिता और सभी का आदर भारत को अलग पहचान देता है. | इससे जुड़ी ख़बरें थरूर को नई चुनौतियों का इंतज़ार10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'भारत का दावा कमज़ोर नहीं होगा'19 जून, 2006 | भारत और पड़ोस मून की टीम में थरूर की जगह नहीं10 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना नेहरू की विदेश नीति और पंचशील28 जून, 2004 | भारत और पड़ोस 'मुझे मेहनत का सही सिला नहीं मिला'03 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना शशि थरूर ने उम्मीदवारी वापस ली02 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना संयुक्त राष्ट्र मेरा जुनून है-थरूर16 जून, 2006 | पहला पन्ना महासचिव पद की दौड़ में भारत भी15 जून, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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