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ब्रिटेन ने ईरान से स्पष्टीकरण माँगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की विदेश मंत्री मार्गरेट बेकेट ने उत्तरी खाड़ी में बंधक बनाए गए ब्रितानी नौसैनिकों के मुद्दे पर ईरान से स्पष्टीकरण माँगा है. ब्रितानी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ब्रितानी रॉयल नौसेना के 15 कर्मचारियों को बंदूक दिखा कर अगवा कर लिया गया है. विदेश मंत्री मार्गरेट बेकेट ने नौसेना के इन कर्मचारियों की तुरंत रिहाई सुनिश्चित कराने पर बात करने के लिए ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब किया. इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को नौसेना के सभी कर्मचारियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद है. उधर ईरान में आज सार्वजनिक अवकाश है और उनकी ओर से अभी तक इस घटना की पुष्टि नहीं की गई है. ब्रिटेन ने कहा है कि नौसेना के कर्मचारी इराक़ी जलसीमा में एक मालवाहक जहाज की जाँच का काम पूरा ही किया था कि उन्हें ईरानी जहाजों ने घेर लिया और उन्हें बंदूक की नोक पर ईरानी जलसीमा में ले जाया गया. दूसरी ओर ईरान ने ब्रिटेन पर उसकी जलसीमा में अवैध तरीक़े से घुसपैठ करने का आरोप लगाया है. घटना इन सैनिकों को उस समय पकड़ा गया जब वे उस नौका में सवार हो रहे थे जिसके बारे में उनका संदेह था कि उसमें वाहनों की तस्करी की जा रही है. नौसेना कर्मचारियों का यह दस्ता दो नावों पर सवार था. ये सभी तश्करी रोकने के लिए गश्त पर थे. रॉयल नेवी का कहना है कि वह एचएमएस कॉर्नवाल जलपोत पर सवार इन सैनिकों को छुड़ाने के पूरे प्रयास कर रही है. ब्रितानी सरकार ने अपने सभी नौसेना कर्मचारियों और उपकरणों को तत्काल सुरक्षित लौटाने के लिए कहा है. इससे पहले वर्ष 2004 में इसी तरह की एक घटना में आठ ब्रितानी सैनिकों को अगवा कर लिया गया था जिन्हें तीन दिन बाद छोड़ा गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 'क्या हवाई हमले कारगर होंगे'05 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंध बढ़ाने पर सहमति15 मार्च, 2007 | पहला पन्ना ईरान पर प्रतिबंधों के प्रस्ताव पर सहमति14 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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