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ब्रिटेन के गोरखा सैनिकों की पेंशन बढ़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने सेना में काम करने वाले नेपाल के गोरखा सैनिकों के वेतन और अन्य सुविधाओं को बेहतर करने की घोषणा की है. रक्षा मंत्री डेरेक ट्विग के अनुसार अब नेपाली सैनिकों को भी ब्रितानी सैनिकों के बराबर पेंशन मिलेगा. इस समय नेपाल के गोरखा सैनिकों को ब्रितानी सैनिकों की तुलना में छह गुना कम पेंशन मिलता है. हालांकि ये नए उपाय उन सैनिकों पर लागू नहीं होंगे जिन्होंने 1997 से पहले नौकरी छोड़ी है. गोरखा वेलफेयर सोसायटी के मेजर टीकनदरादल दीवान कहते हैं कि यह फ़ैसला सही है क्योंकि 1997 से पहले ब्रिटिश सेना के गोरखा सैनिक हांगकांग में तैनात थे ब्रिटेन में नहीं. सरकार ने दो साल पहले गोरखा सैनिकों की स्थिति में सुधार करने के प्रयास शुरु किए थे. गोरखा सैनिकों को अभी करीब 984 पाउंड प्रति वर्ष पेंशन मिलता है जो बहुत ही कम है. पेंशन बढ़ाने की मांग करने वालों का कहना है कि कम आमदनी के कारण गोरखा सैनिकों का जीवन दुश्वार हो गया है. पिछले दिनों गोरखा सैनिकों ने प्रधानमंत्री के निवास के बाहर प्रदर्शन किया था और मांग की थी कि उन्हें भी ब्रितानी सैनिकों की तरह छह हज़ार पाउंड प्रति वर्ष पेंशन दिया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें गोरखा सैनिकों को मुआवज़ा | भारत और पड़ोस गोरखा सैनिकों की लड़ाई | भारत और पड़ोस नेपाल में ब्रितानी अधिकारी समेत पाँच का अपहरण21 अक्तूबर, 2003 | भारत और पड़ोस नेपाली सेना में महिला सैनिक शामिल02 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस पूर्व गोरखा सैनिक संभालेंगे ज़िम्मेदारी22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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