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'अमरीका जल्द अतिरिक्त सैनिक भेजे' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के उपराष्ट्रपति ने अमरीका से आग्रह किया है कि वो जल्द से जल्द इराक़ में अतिरिक्त सैनिक भेजें ताकि वहाँ 'लगभग हर समय' हो रहीं हत्याओं को रोका जा सके. उन्होंने कहा कि अगर सैनिक जल्द नहीं आए तो हालात और बिगड़ सकते हैं. इराक़ी उपराष्ट्रपति और सुन्नी नेता तारिक़ हाशमी ने बीबीसी को बताया कि अब तक के सुरक्षा अभियान विफल रहे हैं क्योंकि उनमें पर्याप्त लड़ाकू दस्ते नहीं थे. उन्होंने ये बात बग़दाद में हुई बमबारी में 130 लोगों के मारे जाने के बाद कही है. तारिक़ हाशमी इराक़ के दो उपराष्ट्रपतियों में से एक हैं. संयुक्त अभियान बग़दाद में हालात सुधारने के लिए इराक़ी और अमरीकी सैनिक संयुक्त अभियान की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए एक कमांड केंद्र में सोमवार से काम शुरु होगा हालांकि इस योजना को लागू करने की असल समयसारिणी अभी स्पष्ट नहीं है. इस कमांड केंद्र के प्रमुख इराक़ के जनरल अबूद गंबार हैं. वे शिया हैं और अमरीका के ख़िलाफ़ 1991 खाड़ी युद्घ में लड़ चुके हैं. तारिक़ हाशमी की गिनती इराक़ के वरिष्ठ सुन्नी नेताओं में होती है. उन्होंने हिंसा के प्रति इराक़ सरकार के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि प्रतिक्रिया बहुत ही धीमी थी. इराक़ी उपराष्ट्रपति ने बढ़ती हिंसा के लिए ईरान को दोषी ठहराते हुए कहा कि हाल के हमले इतने बड़े थे कि इसमें किसी सरकार का हाथ है. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ मे जल्द अतिरिक्त सैनिक भेजने के आह्वान के बावजूद इसमें कई महीने लग सकते हैं. अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वे इराक़ में करीब 21500 सैनिक और भेजने की योजना बना रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ में भीषण विस्फोट, 130 की मौत03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'इराक़ में 'गृह युद्ध' की स्थिति मानी'02 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अमरीका ने दी ईरान को चेतावनी01 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना 'पुनर्निर्माण के नाम पर धन बर्बादी'31 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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