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लंबाई मछलियों के काम आई | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सबसे लंबे आदमी ने दो डाल्फ़िन मछलियों का जीवन बचाकर साबित कर दिया है उनकी लंबाई सिर्फ़ दुनिया के कौतूहल का विषय नहीं है बल्कि वे कुछ सार्थक भी कर सकते हैं. पूर्वोत्तर चीन के फुशुन इलाक़े में दो डाल्फ़िन मछलियों की जान पर बन आई जब उन्होंने प्लास्टिक के नुकीले टुकड़े निगल लिए, डॉक्टरों ने कई उपकरणों का इस्तेमाल करके इन टुकड़ों को निकालने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी. एक्वेरियम में रहने वाली ये मछलियाँ उपकरण के अंदर जाते ही अपने पेट को सिकोड़ लेती थीं जिसकी वजह से टुकड़ों को निकलना असंभव हो गया. नाकाम रहने पर डॉक्टरों ने मंगोलिया के चरवाहे बाओ ज़िशुन को मदद के लिए बुलाया जिनका क़द सात फुट नौ इंच है. गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक़ वे दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति हैं. बाओ को बुलाने की वजह उनके लंबे हाथ थे जिसे डॉल्फ़िन के पेट में डालकर उन्होंने प्लास्टिक के टुकड़ों को निकाल लिया. प्लास्टिक के टुकड़े निगलने के बाद डॉल्फ़िनों ने खाना-पीना छोड़ दिया था और बहुत सुस्त रहने लगी थीं. डॉल्फ़िन के सिर के पीछे से पकड़कर उसके दाँतों पर मोटा तौलिया लपेट दिया गया था ताकि वे बाओ को काट न सकें, बाओ के हाथ की लंबाई 1.06 मीटर है जिसकी मदद से उन्होंने टुकड़े निकाल लिए. रॉयल जिडी ओशियन वर्ल्ड नाम के एक्वरियम के मैनेजर चेन लुजुन ने बताया कि बाओ अपने काम में सफल रहे और अब डॉल्फ़िनों का स्वास्थ्य बहुत बेहतर है. स्थानीय पशु चिकित्सक ज़ू ज़ियाओलिंग का कहना है कि डॉल्फ़िन के पेट में प्लास्टिक के छोटे टुकड़े अब भी हैं लेकिन उनसे उन्हें कोई ख़तरा नहीं है. बाओ के बारे में बताया जाता है कि उनका क़द 16 वर्ष की उम्र तक सामान्य था लेकिन उसके बाद अचानक उनकी लंबाई बढ़ने लगी, सिर्फ़ सात वर्षों की अवधि में दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति बन गए. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रदूषण ने बढ़ाई लंबाई10 जुलाई, 2003 | विज्ञान लंबा क़द, परेशानी बेहद24 जून, 2004 | भारत और पड़ोस जिसका मियाँ लंबा....14 अगस्त, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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