|
स्टेम सेल रिसर्च को बुश ने वीटो किया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने स्टेम सेल रिसर्च के विवादित विधेयक को वीटो का इस्तेमाल करके रोक दिया है. उन्होंने अपने कार्यकाल में पहली बार सीनेट द्वारा पारित किए गए किसी विधेयक को रोकने के लिए वीटो का इस्तेमाल किया है. ये विधेयक स्टेम सेल रिसर्च के बारे में था जिसके तहत शोध के लिए और राशि दिए जाने का प्रस्ताव किया गया था. इस विधेयक को रोकने का कारण बताते हुए राष्ट्रपति बुश ने कहा, "मानव भ्रूण कोई कलपुर्जे नहीं हैं और इस शोध से उस नैतिक सीमा का उल्लंघन होगा जिसका अमरीकी समाज को सम्मान करना चाहिए." उन्होंने ऐसे स्टेम सेल शोध का समर्थन किया है जिसमें मानव भ्रूण का उपयोग न होता हो. अमरीकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने 37 के मुक़ाबले 63 मतों से इस विधेयक को पारित कर दिया है. लेकिन विधेयक दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं हो सका. अगर ऐसा होता तो राष्ट्रपति के वीटो के बावजूद विधेयक को पारित होने से नहीं रोका जा सकता था. बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति के वीटो का इस्तेमाल करने से दक्षिणपंथी ईसाई लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ सकती है जिससे नवंबर में होनेवाले मध्यावधि चुनाव में उनको लाभ हो सकता है. वैसे जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि अधिकांश अमरीकी जनता स्टेम सेल रिसर्च की पक्षधर है. इसके समर्थकों का मानना है कि इस शोध से ख़तरनाक बीमारियों के नए इलाज ढूँढे जा सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मानव क्लोनिंग के क्षेत्र में बड़ी सफलता19 मई, 2005 | विज्ञान असली दाँत गिरकर फिर मिल सकते हैं03 मई, 2004 | विज्ञान इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||