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प्रधानमंत्री को लेकर है गतिरोध: तालाबानी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालाबानी ने कहा है कि इराक़ में राजनीतिक अवरोध का मुख्य कारण इस बात पर विवाद है कि नई सरकार का मुखिया कौन हो. अंतरिम प्रधानमंत्री इब्राहिम अल-जाफ़री के पद पर बने रहने पर सवाल उठाते हुए तालाबानी ने कहा कि उन्हें सभी राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त नहीं है. ग़ौरतलब है कि कुर्द और सुन्नी पार्टियाँ चाहती हैं कि जाफ़री अपना पद छोड़ दें. यहाँ तक कि अल-जाफ़री के सत्तारूढ़ शिया गठजोड़ के कई प्रमुख सदस्य भी जाफ़री को सत्ता के शीर्ष पर नहीं देखना चाहते हैं. इन लोगों में इराक़ी उपराष्ट्रपति आदिल अब्दुल महदी भी शामिल हैं. बीबीसी को उसके इराक़ दिवस आयोजन के मौक़े पर दिए साक्षात्कार में तालाबानी ने कहा कि इराक़ में हज़ारों की संख्या मे विदेशी चरमपंथी सक्रिय हैं जो कि पूरे देश में आतंकवाद फैलाना चाहते हैं. उन्होंने इस बारे में अल-क़ायदा का विशेष रूप से ज़िक्र किया. बेहतरी का दावा तालाबानी मानते हैं कि तीन साल पहले सद्दाम हुसैन को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद इराक़ कहीं बेहतर स्थिति में है. उन्होंने कहा कि पहली बार इराक़ी समाज लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल कर पा रहा है. तालाबानी इराक़ में राजनीतिक आज़ादी, स्वतंत्र मीडिया और सरकारी हस्तक्षेप रहित अर्थव्यवस्था का भी ज़िक्र किया. राजनीतिक आज़ादी का सबसे बढ़िया उदाहरण उन्होंने ख़ुद के राष्ट्रपति चुने जाने को बताया. ग़ौरतलब है कि तालाबानी कुर्द समुदाय से हैं और सद्दाम के शासनकाल के दौरान कुर्दों को दूसरे दर्ज़े का नागरिक माना जाता था. | इससे जुड़ी ख़बरें सद्दाम हुसैन ने सबूतों को नकारा05 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना जबरन पद से नहीं हटाया जाएगा: जाफ़री04 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'विद्रोह की कमान ज़रकावी के पास नहीं'03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'प्रधानमंत्री बाहरी सरकारें नहीं चुनतीं'03 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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