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चीन में गूगल की पूरी सेवा नहीं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
प्रमुख इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल ने चीन में अपनी कुछ सेवाओं को सेंसर करने का फ़ैसला किया है ताकि अभिव्यक्ति की आज़ादी पर चीनी प्रतिबंधों की अनदेखी नहीं हो. गूगल के अनुसार चीनी बाज़ार में अपनी पैठ बनाने के उद्देश्य से ही उसने अपने सिद्धांतों से समझौता किया है. उल्लेखनीय है कि चीन दुनिया के सबसे बड़े इंटरनेट बाज़ार के रूप में उभर रहा है. नई व्यवस्था के तहत चीन में गूगल सर्च करने वालों को एक नए पते www.google.cn से जोड़ दिया जाएगा. आलोचकों का कहना है कि नई व्यवस्था से चीन के लोगों की इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सारी सामग्री तक पहुँच नहीं हो पाएगी. गूगल के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि चीनी सेंसरशिप मानना कंपनी के सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है. हालाँकि अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि प्रतिबंधों के बावजूद गूगल चीनी बाज़ार में सकारात्मक भूमिका निभा सकेगी. संवाददाताओं के अनुसार हाल के दिनों में चीन ने इंटरनेट को लेकर बहुत उदारता दिखाई है लेकिन ताइवान की आज़ादी और थ्येनमन स्क़्वायर जनसंहार जैसे विषय अब भी प्रतिबंधित माने जाते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें गूगल ने अमरीकी सरकार को नकारा20 जनवरी, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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