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'सुन्नियों से सशर्त सहयोग संभव' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में पिछले महीने हुए चुनावों में सबसे अधिक सीटें जीतने वाले शिया गठबंधन ने कहा है कि वह सुन्नी पार्टियों के साथ तब ही मिलाएगा यदि वे विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपनी कोशिशों को बढ़ाता है. शिया गठबंधन युनाइटेड इराक़ी अलायंस के नेताओं का कहना है कि सुन्नी पार्टियों को विद्रोहियों को चुनौती देनी होगी क्योंकि विद्रोहियों के ख़िलाफ़ ज़्यादातर लड़ाई सुन्नी इलाक़ों में होती है. लेकिन अलायंस ने दो समितियों का गठन किया है जो सुन्नी और कुर्द नेताओं के साथ 'राष्ट्रीय एकता' सरकार बनाने पर बातचीत करेंगे. उन्होंने ये भी कहा है कि वे संविधान पर पुनर्विचार करने के लिए तैयार हैं, जैसा कि सुन्नी नेता चाहते हैं. उधर दो बड़े सुन्नी गुटों का कहना है कि वे शियाओं और कुर्दों के साथ गठबंधन सरकार बनाने के लिए काम करेंगे. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसी गठबंधन सरकार बनाए जाने की संभावना तब शुक्रवार को आए चुनावी नतीजों के बाद बढ़ जाती है. शुक्रवार को घोषित परिणामों में शिया गठबंधन को सबसे अधिक सीटें तो मिलीं लेकिन पूर्ण बहुमत नहीं मिली और अब उसे सरकार बनाने के लिए अन्य दलों के सहयोग की आवश्यकता होगी. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ी चुनाव में शिया गुट की जीत20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना इराक़ चुनावः प्रमुख राजनीतिक गुट20 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना सुन्नियों ने धाँधली का आरोप लगाया20 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना 'इराक़ चुनाव में मानदंड पूरे हुए'16 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना इराक़ में भारी मतदान, मतगणना जारी15 दिसंबर, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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