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हज यात्री खोज रहे हैं दोस्तों, रिश्तेदारों को | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब में हज के दौरान मची भगदड़ के एक दिन बाद भी यात्री अपने लापता दोस्तों और रिश्तेदारों को खोज रहे हैं. गुरुवार को वहाँ 362 हज यात्री मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे. इस भगदड़ में मारे जाने वालों में 30 भारतीय और 35 पाकिस्तानी नागरिक थे. सऊदी अरब के अधिकारियों के अनुसार वहाँ शैतान को पत्थर मारने की रस्म के दौरान ये हादसा हुआ. अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की लापरवाही के कारण ये हादसा हुआ क्योंकि कुछ यात्री अपना सामान भी अपने साथ लेकर ये रस्म अदा करने पहुँचे थे और जब भगदड़ मची तो अनेक लोग सामान के ऊपर गिरते चले गए. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि प्रशासन ने पर्याप्त सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए थे. फ़िलहाल मृतकों की पहचान की जा रही है और पता लगाया जा रहा है कि अधिकतर लोग किस देश से थे. सऊदी अरब के अधिकारियों ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि प्रशासन भगडड़ रोकने के लिए और कदम उठा सकता था.
उल्टा गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि भीड़ पर काबू पाने की और कोशिश की जाती तो इससे भी ज़्यादा लोगों की मौत हो सकती थी. 'सबसे बड़ा हादसा' लेकिन इस बार हुआ हादसा पिछले 16 वर्षों में सबसे बड़ा हादसा है. वर्ष 2004 में यहीं भगदड़ मची थी जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त किया गया था और अवरोधक लगाए गए थे. वर्ष 2004 में शैतान को पत्थर मारते समय 200 हज यात्री मारे गए थे. जबकि इसी साल हज यात्रा के शुरू में मक्का में एक होटल की इमारत गिरने के कारण 70 लोगों की मौत हो गई थी. भगदड़ जमारात पुल के नीचे हुई जहाँ से हज यात्री शैतान को पत्थर मार रहे थे. सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री हमाद बिन अब्दुल्ला अल माने के अनुसार कम से कम 289 लोग घायल हुए हैं.
जद्दाह स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के हवाले से कहा गया है कि इस भगदड़ में कम से कम 30 भारतीय हज यात्रियों की मौत हुई है और 13 घायल हुए. मीना के अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है लेकिन घायलों की संख्या को देखते हुए कई घायलों को मक्का और रियाद के अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है. अनुमान लगाया गया है कि इस साल हज यात्रा के लिए 20 लाख लोग आए और मौक़े पर मौजूद अब्दुल्ला पुलिग ने बताया, "सभी लोग धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे. लेकिन तभी मैंने लोगों के चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाज़ सुनी. मैंने देखा कि लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे." हादसे के बाद एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ी वहाँ पहुँच गई और पुलिस वहाँ से लोगों को निकालने लगी. हज के दौरान शैतान को पत्थर मारने की परंपरा के दौरान हज यात्रियों में होड़ लगी रहती है कि पत्थर निशाने पर लगे और कई बार कमज़ोर लोग गिर जाते हैं. हज इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक माना जाता है और प्रत्येक मुसलमान अपने जीवन में एक बार हज करने की इच्छा रखता है. | इससे जुड़ी ख़बरें लाखों श्रद्दालुओं ने हज किया 20 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना हज के दौरान भगदड़, 244 की मौत01 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना हज अंतिम चरण में31 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना 14 हज यात्री मारे गए12 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना हज के लिए हाईटेक सुरक्षा09 फ़रवरी, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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