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हज के दौरान भगदड़ में सैकड़ों की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब में हज के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 345 हज यात्रियों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए. सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि शैतान को पत्थर मारने की रस्म के दौरान ये हादसा हुआ. मीना में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि उन्होंने ख़ुद ज़मीन पर पड़े कई शव देखे. शैतान को पत्थर मारने के क्रम में पहले भी कई बार हादसे हुए हैं. लेकिन इस बार हुआ हादसा पिछले 16 वर्षों में सबसे बड़ा हादसा है. 2004 में यहीं भगदड़ मची थी जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को और दुरुस्त किया गया था और अवरोधक लगाए गए थे. भगदड़ जमारात पुल के नीचे हुई जहाँ से हज यात्री शैतान को पत्थर मार रहे थे. सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री हमाद बिन अब्दुल्ला अल माने के अनुसार कम से कम 289 लोग घायल हुए हैं.
जद्दाह स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के हवाले से कहा गया है कि इस भगदड़ में कम से कम 27 भारतीय हज यात्रियों की मौत हुई है और 13 घायल हुए हैं. इलाज मीना के अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है लेकिन घायलों की संख्या को देखते हुए कई घायलों को मक्का और रियाद के अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है. कहा जा रहा है कि मारे गए हज यात्रियों में ज़्यादातर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया से थे. माना जा रहा है कि इस साल हज यात्रा के लिए 20 लाख लोग आए. मौक़े पर मौजूद अब्दुल्ला पुलिग ने बताया, "सभी लोग धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे. लेकिन तभी मैंने लोगों के चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाज़ सुनी. मैंने देखा कि लोग एक-दूसरे पर गिर रहे थे." हादसे के बाद एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ी वहाँ पहुँच गई और पुलिस वहाँ से लोगों को निकालने लगी. हज के दौरान शैतान को पत्थर मारने की परंपरा सबसे ख़तरनाक मानी जाती है क्योंकि पत्थर निशाने पर लगे, इसके लिए हज यात्रियों में होड़ लगी रहती है. अक्सर ऐसा होता है कि कमज़ोर लोग गिर जाते हैं. वर्ष 2004 में शैतान को पत्थर मारते समय 200 हज यात्री मारे गए थे. जबकि इसी साल हज यात्रा के शुरू में मक्का में एक होटल की इमारत गिरने के कारण 70 लोगों की मौत हो गई थी. हज इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक माना जाता है और प्रत्येक मुसलमान अपने जीवन में एक बार हज करने की इच्छा रखता है. | इससे जुड़ी ख़बरें लाखों श्रद्दालुओं ने हज किया 20 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना हज के दौरान भगदड़, 244 की मौत01 फ़रवरी, 2004 | पहला पन्ना हज अंतिम चरण में31 जनवरी, 2004 | पहला पन्ना 14 हज यात्री मारे गए12 फ़रवरी, 2003 | पहला पन्ना हज के लिए हाईटेक सुरक्षा09 फ़रवरी, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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